ताज़ा खबर
Top 10खेलभारत

मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन पर 14.82 करोड़ बकाया

मुंबई पुलिस ने एमसीए को 30 रिमाइंडर भेजा

मुंबई। मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन पर मुंबई पुलिस का करोड़ों रुपए का बकाया है। मैच के दौरान सुरक्षा प्रदान करने के लिए एमसीए पर विभिन्न मैचों का 14.82 करोड़ बकाया है। मुंबई पुलिस की ओर से एमसीए को 30 रिमाइंडर भेजा जा चुका है, लेकिन इसके बावजूद अभी तक भुगतान नहीं किया गया है। पुलिस ने यह जानकारी आरटीआई के जवाब में दी है।

आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली ने आरटीआई के जरिए मुंबई पुलिस से मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन को विभिन्न क्रिकेट मैच के लिए प्रदान की गई सुरक्षा और उसके लिए वसूल किए गए बंदोबस्त शुल्क की जानकारी मांगी थी।

मुंबई पुलिस ने कहा कि विगत 8 वर्षों से सुरक्षा शुल्क का भुगतान नहीं हुआ है। मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन ने वर्ष 2013 का महिला वर्ल्ड कप, वर्ष 2016 का टी- 20 वर्ल्ड कप, वर्ष 2016 में टेस्ट मैच, वर्ष 2017 और वर्ष 2018 का आईपीएल व वनडे मैच का कुल 14 करोड़ 82 लाख 74 हजार 177 रुपए का भुगतान नहीं किया है। हालांकि एमसीए ने वर्ष 2018 में हुए आईपीएल क्रिकेट मैच का 1.40 करोड़ रुपए चुका दिया है।

आरटीआई में यह भी बताया कि 1 अप्रैल 2019 से 31 मार्च 2020 में हुए क्रिकेट मैच का शुल्क अब तक इसलिए वसूल नहीं किया जा सका क्योंकि महाराष्ट्र सरकार ने अब तक कितना शुल्क वसूला जाए, इसका कोई आदेश जारी नहीं किया है।

मुंबई पुलिस ने बताया है कि 4 जनवरी 2020 तक मुंबई पुलिस ने मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष को 30 रिमाइंडर भेजा है। गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव को पत्र भी लिखा गया है। इस संदर्भ में अनिल गलगली ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, गृह मंत्री अनिल देशमुख और गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव को पत्र लिखकर मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन पर एफआईआर दर्ज करने के साथ ही जिलाधिकारी के जरिए एमसीए की संपत्ति को जब्त कर उसकी नीलामी कराई जाए, जिससे बकाया रकम की वसूली हो सके।

Related posts

बांग्लादेशी नागरिक की जमानत याचिका खारिज

Girish Chandra

इंडिया रेटिंग्स ने कहा- जीडीपी 7.8 प्रतिशत रहेगी

samacharprahari

479 प्रोजेक्ट की लागत 4.4 लाख करोड़ रुपये बढ़ी

samacharprahari

श्रीलंका के बंदरगाह पर पहुंचेगा चीनी लड़ाकू पोत, पाकिस्तानी पोत भी पहुंचा

samacharprahari

मोदी के पहले कार्यकाल में राजद्रोह के 326 मामले दर्ज किए गए : कांग्रेस

Vinay

पुलिस कस्टडी में एनकाउंटर पर अदालत ने कहा- रुकने चाहिए, लेकिन हम कैसे रोक सकते हैं?

Prem Chand