ताज़ा खबर
OtherPoliticsबिज़नेसभारत

पेट्रोल, डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने से पहले खामियों को दूर करें : मोइली

मुंबई। पूर्व केंद्रीय तेल मंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एम. वीरप्पा मोइली ने कहा कि केंद्र सरकार को पेट्रोल और डीजल को ‘जीएसटी’ के दायरे में लाने पर विचार करने से पहले माल एवं सेवा कर (जीएसटी) अधिनियम में मौजूद खामियों को दूर करना होगा। राज्यों को होने वाले राजस्व के नुकसान की पर्याप्त रूप से भरपाई की जानी चाहिए।

कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कार्य प्रणाली, अनावश्यक कराधान और कर की दरों के संदर्भ में जीएसटी अधिनियम में मौजूद खामियों ने व्यापारियों पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया है, जिससे वे प्रताड़ित हो रहे हैं और भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिला है। जीएसटी अधिनियम को उपयुक्त रूप से नये सिरे से तर्कसंगत बनाना होगा और खामियों को दूर करना होगा। राज्यसभा में बुधवार को भाजपा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने कहा था कि अगले आठ से 10 साल तक पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के दायरे में लाना संभव नहीं है, क्योंकि इससे राज्यों को राजस्व के तौर पर सालाना दो लाख करोड़ रुपये का नुकसान होगा।

Related posts

चुनावी बॉण्ड खरीदने और भुनाने वाली राजनीतिक पार्टियों के नाम सार्वजनिक

Prem Chand

इकबाल मिर्ची की 500 करोड़ की संपत्ति कुर्क : ईडी

samacharprahari

पहली बार दिखी ब्रह्मांड की रंगीन तस्वीर, अब उलझे रहस्यों से उठेगा पर्दा

samacharprahari

गर्लफ्रेंड को 5.7 करोड़ रुपये ट्रांसफर करनेवाला बैंक मैनेजर गिरफ्तार

Prem Chand

कांग्रेस ने कहा, भारत जोड़ो न्याय यात्रा से जुड़ें लोग

samacharprahari

NCP नेता फहमीदा हसन बोलीं- ‘PM आवास पर करूंगी हनुमान चालीसा का पाठ’

Prem Chand