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अर्थव्यवस्था: लॉकडाउन से जीडीपी माईनस 23.9 फीसदी लुढ़की

नई दिल्ली। चालू वित्त वर्ष 2020-21 की अप्रैल-जून तिमाही में जीडीपी में 23.9 प्रतिशत की भारी गिरावट आई है। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय ने चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के आंकड़े सोमवार को जारी किए। चीन की अर्थव्यवस्था में अप्रैल-जून तिमाही में 3.2 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जबकि जनवरी-मार्च, 2020 तिमाही में 6.8 प्रतिशत की गिरावट आई थी। एक ओर राजस्व संकलन पर असर पड़ा है तो वहीं, जुलाई अत तक सरकार का कुल व्यय 10,54,209 करोड़ रुपये यानी बजट में पूरे वित्त वर्ष के दौरान होने वाले खर्च का 34.7 प्रतिशत तक पहुंच गया है। हालांकि इससे पिछले वर्ष इसी अवधि में कुल व्यय पूरे साल के बजट अनुमान का 34 प्रतिशत था।

बेहद खराब आंकड़े
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय की ओर से चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के आंकड़े जारी किए गए हैं। अप्रैल-जून तिमाही के लिए जीडीपी के जो आंकड़ें सामने आए हैं, उससे देश की गिरती अर्थव्यवस्था व बेरोजगारी की भयानक तस्वीर का अनुमान आसानी से लगाया जा सकता है। इकॉनमी की सेहत को लेकर जितनी खराब संभावनाएं जताई जा रही थीं,यह रिपोर्ट उससे भी खराब आई है। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में देश की जीडीपी में 23.9 फीसदी की भारी गिरावट दर्ज की गई है। पिछले वित्त वर्ष 2019-20 की इसी तिमाही में जीडीपी 5.2 प्रतिशत रही थी।

राजस्व संग्रह पर असर
महा लेखा नियंत्रक के आंकड़ों के मुताबिक चालू वित्त वर्ष के शुरुआती चार माह के दौरान सरकार की राजस्व प्राप्ति 2,27,402 करोड़ रुपये रही है। यह राशि सालाना बजट के वार्षिक लक्ष्य का 11.3 प्रतिशत है। पिछले साल इसी अवधि में कुल राजस्व प्राप्ति बजट अनुमान का 19.5 प्रतिशत रही थी।

बजट अनुमान के अनुरूप नहीं

आंकड़े बताते हैं कि अप्रैल से जुलाई के दौरान कर राजस्व 2,02,788 करोड़ रुपये यानी बजट अनुमान का 12.4 प्रतिशत रहा जबकि एक साल पहले इसी अवधि में यह बजट अनुमान का 20.5 प्रतिशत रहा था। आलोच्य अवधि में सरकार की कुल प्राप्ति 2,32,860 करोड़ रुपये रही जो कि बजट अनुमान का 10.4 प्रतिशत रही। सरकार ने बजट में वित्त वर्ष 2020- 21 के दौरान कुल 22.45 लाख करोड़ रुपये की प्राप्ति का अनुमान लगाया है।

मार्च तिमाही में ग्रोथ रेट 3.1 फीसदी रहा था
पिछली तिमाही यानी जनवरी-मार्च (वित्त वर्ष 2019-20 की आखिरी तिमाही) में जीडीपी में 3.1 फीसदी की बढ़ोतरी हुई थी जो कम से कम आठ साल में भारतीय इकॉनमी का सबसे खराब प्रदर्शन था। इस सर्वे में आर्थिक जानकारों का कहना है कि चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही यानी जुलाई-सितंबर में विकास दर माइनस 8.1 फीसदी और अक्टूबर-दिसंबर तिमाही के लिए विकास दर माइनस 1 फीसदी रह सकती है।

चीन का जून तिमाही का ग्रोथ रेट 3.2 फीसदी
सरकार ने कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम के लिये 25 मार्च को पूरे देश में ‘लॉकडाउन’ लगाया था। इसका असर अर्थव्यवस्था पर पड़ा है। केंद्र सरकार ने 20 अप्रैल से धीरे-धीरे आर्थिक गतिविधियों को मंजूरी देनी शुरू की। ज्यादातर रेटिंग एजेंसियों और विशेषज्ञों ने देश के जीडीपी में 2020-21 में गिरावट का अनुमान जताया है। इस बीच, चीन की अर्थव्यवस्था में अप्रैल-जून तिमाही में 3.2 प्रतिशत की वृद्धि हुई है जबकि जनवरी-मार्च, 2020 तिमाही में 6.8 प्रतिशत की गिरावट आई थी।

 

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