कांग्रेस का केंद्र पर तीखा हमला
✍️ डिजिटल न्यूज डेस्क, नई दिल्ली | पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच पाकिस्तान की बढ़ती मध्यस्थता को लेकर देश की सियासत गरमा गई है। कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि ‘स्वयंभू विश्वगुरु’ की कूटनीतिक विफलताओं और केवल बयानबाजी तक सीमित नीति के कारण एक ‘टूटा हुआ देश’ आज अंतरराष्ट्रीय मंच पर ‘ब्रोकर’ राष्ट्र बनकर उभर रहा है।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया के माध्यम से सरकार की क्षेत्रीय कूटनीति को लगे झटके और भारत के लिए पैदा हुई ‘भारी शर्मिंदगी’ पर गहरी चिंता व्यक्त की है।
कांग्रेस ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर के उस बयान पर भी कटाक्ष किया जिसमें उन्होंने भारत को ‘दलाल राष्ट्र’ (ब्रोकर नेशन) नहीं होने की बात कही थी। रमेश ने कहा कि विदेश मंत्री अपनी शैली और अनुभव के पीछे उस कड़वी हकीकत को छिपाने की कोशिश कर रहे हैं, जिसमें पाकिस्तान जैसा देश मध्यस्थ की भूमिका में आ गया है।
उन्होंने पाकिस्तान के काले इतिहास की याद दिलाते हुए कहा कि यह वही देश है जिसने दशकों तक आतंकवाद को प्रायोजित किया, ओसामा बिन लादेन को पनाह दी और परमाणु अप्रसार कानूनों की धज्जियां उड़ाईं। आज उसी पाकिस्तान को वैश्विक स्तर पर एक समाधानकर्ता के रूप में देखा जाना, मौजूदा सरकार की विदेश नीति पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
विपक्ष ने डॉ. मनमोहन सिंह सरकार के कार्यकाल का उदाहरण देते हुए कहा कि 26/11 के हमलों के बाद भारत ने प्रभावी कूटनीति से पाकिस्तान को दुनिया में अलग-थलग कर दिया था। इसके विपरीत, वर्तमान सरकार के दावों के बावजूद पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर अंतरराष्ट्रीय मंच पर, विशेषकर अमेरिकी प्रशासन के साथ, अधिक प्रासंगिक होकर उभरे हैं।
कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि विदेश मंत्री के ‘वन लाइनर’ उस विफलता को नहीं मिटा सकते, जिसके कारण भारत ने अपना कूटनीतिक प्रभाव खोया है। पार्टी के अनुसार, पाकिस्तान की यह नई भूमिका भारत के कूटनीतिक रिकॉर्ड में एक ऐसा दाग है जिसे नजरअंदाज करना घातक साबित हो सकता है।
