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पहलगाम आतंकी हमला: 26 पर्यटकों की मौत, भारतीय मूल के दो विदेशी भी मारे गए

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  • सुरक्षा बलों द्वारा शुरू किया गया व्यापक ऑपरेशन

  • गृह मंत्री का जम्मू-कश्मीर दौरा और सख्त कार्रवाई का आश्वासन

  • हमले में धार्मिक पहचान के आधार पर हत्या की पुष्टि

  • महबूबा मुफ्ती और अन्य नेताओं की घटना की कड़ी निंदा

 

✍🏻 प्रहरी संवाददाता, पहलगाम (जम्मू-कश्मीर)। जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले में स्थित लोकप्रिय पर्यटन स्थल पहलगाम मंगलवार को अचानक हुए आतंकी हमले से दहल उठा। इस हमले में 26 पर्यटकों की मौत हो गई, जिनमें दो भारतीय मूल के विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। हमले में कई लोग घायल हुए हैं, जिनका इलाज श्रीनगर के विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है। इस हमले की जिम्मेदारी लश्कर ए तैयबा के संगठन टीआरएफ ने ली है।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, तीन आतंकियों ने एक व्यस्त इलाके में अचानक 50 से अधिक राउंड फायरिंग की। गोलियों की आवाज़ सुनते ही पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। एक महिला पर्यटक ने पीसीआर को फोन कर बताया कि उसके पति को सिर में गोली मारी गई, जब आतंकियों ने उसकी धार्मिक पहचान भी पूछी। महिला के हाथ में चूड़ा देखकर हमलावरों ने उसके पति को निशाना बनाया। यह विवरण हमले की बर्बरता और पूर्वनियोजित योजना की ओर इशारा करता है।

हमले में जान गंवाने वालों में महाराष्ट्र के दिलीप और अतुल मोने, और कर्नाटक के मंजूनाथ का नाम सामने आया है। मंजूनाथ अपने परिवार के साथ यात्रा पर थे। इस हमले में कोच्चि में तैनात भारतीय नौसेना के एक अधिकारी लेफ्टिनेंट विनय नरवाल (26 वर्ष), जो कि छुट्टी पर थे वह पहलगाम हमले में शहीद हो गए हैं। वे हरियाणा के मूल निवासी थे और 16 अप्रैल को ही उनकी शादी हुई थी।

घटना के बाद सेना और सुरक्षाबलों ने इलाके को घेर लिया है और सघन तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया है। राष्ट्रीय राइफल्स की टीमें भी मौके पर तैनात की गई हैं। NIA की विशेष टीम जांच के लिए कश्मीर रवाना हो चुकी है।


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सऊदी अरब से ही गृह मंत्री अमित शाह को घटना की जानकारी लेने के निर्देश दिए। गृह मंत्री तुरंत श्रीनगर रवाना हो गए और आश्वासन दिया कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यह हाल के वर्षों में नागरिकों पर सबसे बड़ा हमला है।

सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, इस हमले के पीछे पाकिस्तानी आतंकी संगठनों का हाथ हो सकता है, जिन्होंने हमले से पहले स्थानीय होटलों की रेकी करवाई थी।

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