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ईरानी क्षेत्र में अमेरिकी F-15 क्रैश, एक पायलट बचा, दूसरे की तलाश जारी
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हमलों के बीच ट्रंप ने दिए बातचीत के संकेत
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वैश्विक व्यापार मार्ग बंद करने की चेतावनी से दुनिया में हड़कंप
✍️ डिजिटल न्यूज डेस्क, तेहरान/तेल अवीव | पश्चिम एशिया में जारी भीषण संघर्ष के बीच अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है। शुक्रवार को ईरान द्वारा अमेरिकी लड़ाकू विमान ‘एफ-15ई स्ट्राइक ईगल’ सहित दो विमानों को मार गिराने के दावे के बाद, शनिवार को लापता अमेरिकी पायलट की तलाश के लिए बड़े पैमाने पर खोज अभियान शुरू किया गया है।
अमेरिकी रक्षा विभाग (पेंटागन) ने पुष्टि की है कि एक सैन्यकर्मी को सुरक्षित बचा लिया गया है, जबकि दूसरे की स्थिति फिलहाल अज्ञात है। इस घटना ने छह सप्ताह से जारी युद्ध को एक नए और खतरनाक मोड़ पर खड़ा कर दिया है, क्योंकि यह पहली बार है जब अमेरिका ने ईरानी क्षेत्र में अपना लड़ाकू विमान खोया है।
दूसरी ओर, ईरान ने अपनी जनता से ‘दुश्मन’ पायलट को पकड़ने में मदद करने की अपील की है। ईरानी सरकारी मीडिया ने स्थानीय निवासियों से आह्वान किया है कि वे किसी भी संदिग्ध विदेशी पायलट की जानकारी तुरंत पुलिस को दें, इसके लिए इनाम का वादा भी किया गया है।
तनाव की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि ईरान ने अब वैश्विक व्यापार के सबसे व्यस्त समुद्री मार्ग, बाब-अल-मंडेब जलडमरूमध्य को बाधित करने की परोक्ष धमकी दी है, जिससे दुनिया भर में तेल और रसद की आपूर्ति प्रभावित होने का खतरा पैदा हो गया है।
युद्ध के मैदान में इजराइल और अमेरिका के हमले भी जारी हैं। आईएईए के अनुसार, बुशहर परमाणु संयंत्र के पास हुए हवाई हमले में एक सुरक्षा गार्ड की मौत हो गई है। वहीं, ईरान के जवाबी ड्रोन हमले में दुबई स्थित अमेरिकी कंपनी ओरेकल के मुख्यालय को नुकसान पहुंचने की खबर है।
हालांकि, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि इन घटनाओं से ईरान के साथ प्रस्तावित बातचीत पर कोई असर नहीं पड़ेगा। इस बीच, ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरघची ने शांति वार्ता के लिए पाकिस्तान जाने की प्रतिबद्धता दोहराई है, जिससे कूटनीतिक समाधान की हल्की उम्मीद बची हुई है।
