मुंबई। बंबई उच्च न्यायालय ने नौसेना के सेवामुक्त विमानवाहक पोत विक्रांत को विखंडन से बचाने व संग्रहालय में बदलने के लिए जनता से एकत्रित निधि के कथित दुरुपयोग के मामले में बुधवार को भारतीय जनता पार्टी के नेता किरीट सोमैया और उनके बेटे को अग्रिम जमानत दे दी।
न्यायमूर्ति भारती डांगरे की एकल पीठ ने मामले में अग्रिम जमानत देने का अनुरोध करने वाली सोमैया की याचिका मंजूर कर ली।
एक पूर्व सैनिक ने भाजपा नेता किरीट और नील सोमैया के खिलाफ ट्रॉम्बे पुलिस स्टेशन में छह अप्रैल को एक प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
पूर्व सैन्य कर्मी ने दावा किया था कि भाजपा सांसद सोमैया ने विक्रांत के रखरखाव के लिए साल 2013 में 57 करोड़ रुपये एकत्रित किए थे। हालांकि, इस धन का कभी इस्तेमाल नहीं किया गया या इसे शुरुआती योजना के अनुसार राज्यपाल के कार्यालय में जमा नहीं कराया गया।
अभियोजन की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील शिरीष गुप्ते ने बुधवार को उच्च न्यायालय में कहा कि पुलिस को सोमैया पिता-पुत्र को तत्काल हिरासत में लेने की आवश्यकता नहीं है। सोमैया की ओर से वकील अशोक मुंदार्गी ने सभी आरोपों से इनकार किया। उन्होंने दलील देते हुए कहा कि यह अत्यधिक ‘राजनीतिक मामला’ है।
