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भारत साकार करेगा टूरिज्म सेक्टर का विजन 2035

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मुंबई, 7 मार्च 2022 : भारत की टूरिज्म, ट्रैवेल और हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री को प्रोत्साहित करने के लिए एक बेहतर योजना की रूपरेखा बनाई गई है। इस सेक्टर का प्रतिनिधित्व करनेवाले संगठन फेथ असोसिएशन ने भारतीय टूरिज्म सेक्टर के लिए विजन 2035 नाम से एक रिपोर्ट जारी की है। भारत की आजादी के अमृत महोत्‍सव यानी 75वें स्वर्णिम वर्ष के उपलक्ष्य में फेथ असोसिएशन ने इस रिपोर्ट में पर्यटन लक्ष्यों को हासिल करने को लेकर ठोस रणनीतिक उपायों का जिक्र किया है।

फेडरेशन ऑफ एसोसिएशन इन इंडियन टूरिज्म एंड हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में (ADTOI, ATOAI, FHRAI, HAI, IATO, ICPB, IHHA, ITTA, TAAI, TAFI) कई राष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हैं।

फेथ के अध्यक्ष नकुल आनंद ने इस अवसर पर विजन 2035 की जानकारी दी। इस दस्तावेज में भारतीय पर्यटन उद्योग को वैश्विक और घरेलू पर्यटकों के बीच लोकप्रिय बनाने, पर्यटन एंटरप्रेन्योर्स और इस सेक्टर से जुडे कर्मचारियों के लिए इकोनॉमिक एंड वेल्थ क्रिएशन, बुनियादी ढांचे के निर्माण के अवसरों के साथ ही टिकाऊ और समावेशी विकास पर जोर दिया गया है। उन्होंने विजन 2035 में शामिल कुछ प्रमुख मुद्दों को भी साझा किया और टूरिज्म सेक्टर की ग्रोथ के लिए एक रोल मॉडल बनाने की बात कही।

इस विजन में 75 मिलियन घरेलू पर्यटकों को आकर्षित करने, इस सेक्टर से 150 बिलियन डॉलर की विदेशी मुद्रा आय अर्जित करने, 7.5 बिलियन इनबाउंड (घरेलू) पर्यटन यात्राओं और पर्यटन से 15 करोड़ प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष नौकरियों का सृजन करने पर जोर दिया गया है। घरेलू पर्यटन से मिलनेवाले मौजूदा 225 बिलियन डॉलर के राजस्व को 1.1 ट्रिलियन डॉलर के लक्ष्य को किया जा सकेगा।

एडीटीओआई (घरेलू पर्यटन) के अध्यक्ष पीपी खन्ना ने कहा कि भारत का घरेलू पर्यटन लगभग 2.3 बिलियन घरेलू पर्यटकों के साथ दुनिया में दूसरे स्थान पर है। टूर ऑपरेटरों ने पूर्ण सेट ऑफ के साथ 1.8 पर्सेंट टैक्स लगाने की मांग की है। भारत के भीतर यात्रा करने पर आयकर छूट का लाभ भी मिलना चाहिए। प्रत्येक राज्य में पर्यटन केंद्रों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी पर जोर देना चाहिए। इससे घरेलू पर्यटन को बढावा मिलेगा।

फेथ एडीटीओआई (एडवेंचर टूरिज्म) में वैकल्पिक बोर्ड के सदस्य और वाइस चेयरमैन तेजबीर सिंह ने कहा कि भारत में दुनिया की सबसे अनोखी प्राकृतिक धरोहरें हैं। दुनिया के 17 मेगा डाइवर्स देशों में भारत भी एक है, जो सस्टेनेबल एंड रिस्पॉन्सिबल डेवलपमेंट प्लान और बेहतर टूरिज्म स्पॉट के हब के रूप में अपनी अलग पहचान बना चुका है। दुनिया में एडवेंचर टूरिज्म सेक्टर की हिस्सेदारी 750 अरब डॉलर से अधिक है। भारत इसमें 5-10 फीसद का योगदान देता है।

फेथ के वैकल्पिक बोर्ड सदस्य (एफएचआरएआई) गारिश ओबेरॉय ने कहा कि पर्यटन को प्राथमिकता वाला क्षेत्र के रूप में विकसित किया जाना चाहिए। भारत के प्रत्येक राज्य में होटल और रेस्तरां को एक उद्योग के रूप में घोषित करने की आवश्यकता है। देश के ऐसे होटलों पर लागू 18 पर्सेंट जीएसटी दरों को समाप्त कर दिया जाना चाहिए।


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