प्रहरी संवाददाता, मेरठ। समाजवादी पार्टी के सुप्रीमो अखिलेश यादव और राष्ट्रीय लोकदल (आरएलडी) के मुखिया जयंत चौधरी ने उत्तर प्रदेश की किसान बेल्ट जिले से एक साथ चुनावी रण का आगाज किया। अखिलेश ने कहा कि वह सिर पर लाल टोपी और जेब में अन्न की लाल पोटली लेकर चलते हैं। ये अन्नदाता (किसान) के पक्ष में भाजपा को हराने का संकल्प है। जयंत चौधरी ने कहा कि यूपी के अधिकारियों को वोटर आईडी लेकर चुनाव में दिक्कत पैदा करने का जिम्मा सौंपा गया है। अधिकारी चुनाव में धांधली कर सकते हैं।
मुजफ्फरनगर में अखिलेश और जयंत ने अपनी संयुक्त प्रेस वार्ता में कहा कि यह चुनाव किसानों और नौजवानों के भविष्य का है। किसानों की ताकत के आगे सरकार को झुकना पड़ा है। कृषि कानून वापस लेने पड़े हैं।
दोनों नेताओं ने किसानों को सावधान करते हुए कहा कि भाजपा कभी भी कानून फिर से ला सकती है। इस सरकार पर विश्वास नही किया जा सकता। भाजपा इलेक्शन जीतने के लिए कुछ भी कर सकती है।
भाजपा को हराने के लिए अन्न का संकल्प
अखिलेश बोले कि हम किसानों की लड़ाई लड़ रहे है, हम चौधरी चरण सिंह जी,नेताजी की विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं। किसानों, नौजवानों के लिए ये गठबंधन काम करेगा। भाजपा के घोषणापत्र के वादे झूठे निकले। जब भाजपा बुनियादी सवालों पर घिर जाती है, तो मुद्दों को भटकाते हैं। इस चुनाव में ये भ्रम टूट जाएगा। ये जोड़ी (अखिलेश जयंत) किसानों के बेटे की है, मैं जेब में अन्न की पोटली लेकर चलता हूं। लाल टोपी और लाल पोटली… मैं उन्हें (भाजपा) को हाराने के लिए अन्न का संकल्प लेकर चलता हूं।
