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मोस्ट करप्ट देशों में भारत का प्रदर्शन खराब!

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180 देशों की सूची में 40 अंकों के साथ 85वें पायदान पर इंडिया

प्रहरी संवाददाता, मुंबई। ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल ने मंगलवार को भ्रष्टाचार धारणा सूचकांक (सीपीआई) 2021 रिपोर्ट जारी की है। भारत इस सूचकांक में 85वें पायदान पर है। इस साल के भ्रष्टाचार धारणा सूचकांक से पता चलता है कि भ्रष्टाचार का स्तर दुनिया भर में स्थिर है। 100 अंक पानेवाले देश भ्रष्टाचार मामले में बहुत साफ हैं, जबकि 0 अंक पानेवाले देशों में अत्यधिक भ्रष्टाचार होता है।

बता दें कि मंगलवार को जारी भ्रष्टाचार धारणा सूचकांक (सीपीआई) 2021 रिपोर्ट में भारत 85वें पायदान पर है। भ्रष्टाचार धारणा सूचकांक में भारत को 100 में से केवल 40 अंक मिले हैं। डेनमार्क, फिनलैंड और न्यूजीलैंड 88 अंकों के साथ संयुक्त रूप से पहले पायदान पर हैं, जबकि 85 अंकों के साथ नॉर्वे, सिंगापुर और स्वीडन संयुक्त तौर पर चौथे पायदान पर काबिज हुए हैं।

भ्रष्टाचार धारणा सूचकांक (सीपीआई) 2021 रिपोर्ट में दुनिया के 180 देशों में से लगभग दो-तिहाई से अधिक देशों (68 प्रतिशत) का स्कोर 50 अंक से नीचे है। इन देशों का सीपीआई इंडेक्स का औसत वैश्विक स्कोर 43 पर स्थिर है। वर्ष 2012 से, 25 देशों ने अपने स्कोर में उल्लेखनीय सुधार किया है, लेकिन इसी अवधि में 23 देशों के सीपीआई इंडेक्स में भारी गिरावट आई है।

पिछले पांच वर्षों में, अर्मेनिया ने इस सूची में +14 अंकों का सुधार किया है, जबकि अंगोला (+10), दक्षिण कोरिया (+8), उज़्बेकिस्तान (+6), मोल्दोवा (+5) और इथियोपिया (+4) ने भ्रष्टाचार निवारण में सबसे महत्वपूर्ण सुधार किए हैं। हालांकि इसी अवधि में कनाडा इस सूचकांक में -8 अंक फिसलकर 13वें पायदान पर फिसल गया है। निकारागुआ इस अवधि में -6 अंक फिसला है, जबक होंडुरास (-6) और वेनेजुएला (-4 अंक) सहित कई देशों के सूचकांक में काफी गिरावट आई है।


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