मुंबई। महाराष्ट्र सरकार ने राजभवन के साथ टकराव से बचने की कानूनी राय लेने के बाद राज्य विधानसभा अध्यक्ष का चुनाव कराने के अपने फैसले को मंगलवार को टाल दिया। महा विकास आघाड़ी (एमवीए) सरकार के एक वरिष्ठ मंत्री ने कहा कि यह चुनाव राज्य विधानसभा के अगले सत्र में होगा। विधानमंडल का शीतकालीन सत्र मंगलवार को समाप्त हो गया।
बता दें कि साल 2019 के अंत में संवैधानिक पद के लिए चुने गए नाना पटोले के प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में पदभार संभालने के लिए इस्तीफा देने के बाद, इस साल फरवरी से अध्यक्ष का पद खाली पड़ा है।
सूत्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) अध्यक्ष शरद पवार से मंगलवार को फोन पर बात की। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष के चुनाव कार्यक्रम के लिए अपनी मंजूरी देने से राजभवन के ‘इनकार’ पर उनकी राय मांगी।
बताया जा रहा है कि पवार ने महाधिवक्ता आशुतोष कुंभकोनी से बात करने के बाद एमवीए नेताओं के साथ सरकार के रुख पर चर्चा के लिए मुलाकात की। सरकार मौजूदा सत्र के दौरान अध्यक्ष का चुनाव कराना चाहती थी। रविवार को एमवीए नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री ठाकरे के पत्र के साथ राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मुलाकात की थी।
कोश्यारी ने सरकार को बताया था कि मतपत्र के बजाय ध्वनि मत के माध्यम से विधानसभा अध्यक्ष का चुनाव कराने के विधायी नियमों में संशोधन ‘असंवैधानिक’ है, और वह इसकी संवैधानिक वैधता की जांच कर रहे है।
एमवीए ने यह कहकर जवाब दिया था कि बदलते समय के अनुसार मौजूदा नियमों में संशोधन करना उसके अधिकारों के भीतर है। इसके बाद सोमवार को, राज्य सरकार ने कहा था कि अगर राज्यपाल ने जवाब नहीं दिया तो वह मंगलवार को चुनाव कराने पर अडिग है।
