मुंबई। देश में क्रिप्टोकरेंसी को लेकर चर्चा तेज हो गई है। अरबपतियों में इस डिजिटल करेंसी में निवेश करने की क्रेज है। सरकार भी क्रिप्टो ट्रेड पर जल्द से जल्द किसी निष्कर्ष पर पहुंचने की कोशिश में है। क्रिप्टोकरेंसी और संबंधित मुद्दों पर आगे बढ़ने के लिए शनिवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक व्यापक बैठक की है।
हाल ही में स्क्विड गेम्स के नाम से चलाई जा रही क्रिप्टोकरेंसी के अर्श से फर्श पर आने की खबर ने निवेशकों के होश उड़ा दिए थे। पल भर में ही हजारों निवेशक कंगाल हो गए।
सूत्रों के अनुसार, आरबीआई, वित्त मंत्रालय, गृह मंत्रालय ने क्रिप्टोकरेंसी ट्रेडिंग पर विस्तृत चर्चा के लिए एक बैठक की है। इस बैठक में क्रिप्टोकरेंसी पर वैश्विक उदाहरणों और सर्वोत्तम प्रैक्टिसेज पर भी गौर किया गया है।
पीएम की अध्यक्षता में हुई बैठक में ओवर प्रॉमिसिंग और गैर-पारदर्शी विज्ञापन के माध्यम से युवाओं को गुमराह करने के प्रयासों को रोके जाने पर विचार किया गया। अनियमित क्रिप्टो बाजारों को मनी लॉन्ड्रिंग और टेरर फाइनेंसिंग का जरिया नहीं बनने दिए जाने पर भी चर्चा हुई है।
वैश्विक भागीदारी की भी होगी जरूरत
चूंकि क्रिप्टोकरेंसी किसी एक देश की सीमा या नागरिकों तक सीमित नहीं है बल्कि यह मुद्दा अलग-अलग देशों और नागरिकों से ताल्लुक रखता है, इसलिए बैठक में यह महसूस किया गया कि इसके लिए वैश्विक भागीदारी और सामूहिक रणनीतियों की भी आवश्यकता होगी।
