ताज़ा खबर
OtherTop 10ताज़ा खबरबिज़नेसभारत

50 लाख मासिक टर्नओवर करने पर एक प्रतिशत जीएसटी का भार

मुंबई। वित्त मंत्रालय ने कहा है कि 50 लाख रुपए से अधिक के मासिक कारोबार करने वाली इकाइयों को अनिवार्य रूप से एक प्रतिशत माल एवं सेवा कर (जीएसटी) देनदारी का भुगतान नकद में करना होगा। यह कदम जाली बिल (इन्वॉयस) के जरिये कर चोरी रोकने के लिए उठाया गया है। केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) ने जीएसटी नियमों में नियम 86 बी पेश किया है। यह नियम इनपुट कर क्रेडिट (आईटीसी) का अधिकतम 99 प्रतिशत तक ही इस्तेमाल जीएसटी देनदारी निपटाने की अनुमति देता है।
सीबीआईसी ने कहा कि किसी महीने में करयोग्य आपूर्ति का मूल्य 50 लाख रुपये से अधिक होने पर कोई भी पंजीकृत व्यक्ति इलेक्ट्रॉनिक क्रेडिट लेजर में उपलब्ध राशि का इस्तेमाल 99 प्रतिशत से अधिक कर देनदारी को पूरा करने के लिए नहीं कर सकता। कारोबार की सीमा की गणना करते समय जीएसटी छूट वाले उत्पादों या शून्य दरों वाली आपूर्ति को इसमें शामिल नहीं किया जाएगा। हालांकि, कंपनी के प्रबंध निदेशक या किसी भागीदार ने यदि एक लाख रुपये से अधिक का आयकर दिया है अथवा पंजीकृत व्यक्ति को इससे पिछले वित्त वर्ष के दौरान इस्तेमाल न हुए इनपुट कर क्रेडिट पर एक लाख रुपये से अधिक का रिफंड मिला है, तो यह अंकुश लागू नहीं होगा। ईवाई के कर भागीदार अभिषेक जैन ने कहा कि सरकार ने 50 लाख रुपये मासिक से अधिक के करयोग्य कारोबार पर इनपुट कर क्रेडिट के जरिये कर देनदारी के भुगतान को 99 प्रतिशत तक सीमित किया है। इस कदम का मकसद कंपनियों को जाली बिलों के जरिये आईटीसी का दुरुपयोग करने से रोकना है।

Related posts

एनआईए ने पूर्व एनकाउंटर स्पेशलिस्ट को गिरफ्तार किया

samacharprahari

रियल एस्टेट कंपनी सुपरटेक को बड़ा झटका, NCLT ने दिवालिया घोषित किया

Prem Chand

हथियार प्रतिबंध: ईरान ने की अमेरिका के संशोधित प्रस्ताव की आलोचना

samacharprahari

लोकसभा 2024 के महासमर का बिगुल बजा, 7 चरणों में होंगे चुनाव

Prem Chand

राफेल, सुखोई और तेजस ने दिखाया दम, जैगुआर-चिनूक की गर्जना से गूंजा आसमान

Prem Chand

अनएकेडमी ने प्रेपलैडर का किया अधिग्रहण

samacharprahari