डिजिटल न्यूज डेस्क, मुंबई। सिंधुदुर्ग के मालवण में स्थित राजकोट किले की किले में स्थापित छत्रपति शिवाजी महाराज की 35 फीट ऊंची प्रतिमा 26 अगस्त की दोपहर हवा के तेज झोंके से ढह गई। इस घटना ने एक तरफ जहां मौजूदा सरकार को बैक फुट पर ला दिया है, वहीं दूसरी तरफ विपक्ष भी सरकार पर हमलावर है।
इस बीच, शिवाजी महाराज की प्रतिमा बनानेवाले मूर्तिकार का इंटरव्यू वायरल हुआ है, जिसमें कहा गया है कि तीन साल का काम छह महीने में किया गया।
विपक्ष ने इस मामले में राज्य सरकार के साथ-साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी निशाने पर लिया है। इस मामले विपक्ष ने खुले तौर सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। इस पुतले का अनावरण 4 दिसंबर 2023 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था, लेकिन यह 7 महीने बाद ही ढह गया।
एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस पुतले को लेकर शरद पवार गुट के विधायक जीतेंद्र आव्हाड ने पुतला बनाने वाले कारीगर जयदीप आप्टे के इंटरव्यू वाली फोटो शेयर की है, जिसमें उन्होंने पुतले के गिरने की असल वजह का भी खुलासा किया है।
आव्हाड ने सनातन प्रभात अखबार के 4 दिसंबर 2023 के संस्करण की तस्वीर को भी शेयर किया है। इसमें जयदीप आप्टे के हवाले से कहा गया है कि नौसेना अधिकारियों के निर्देशों के अनुसार बनाए गए पुतले को ना लेते हुए तुरंत बनाए गए अन्य पुतले को चुना गया, जिसकी वजह से यह पुतला तेज हवा के झोंके में ताश के पत्तों की तरह ढह गया।
