Samachar Prahari
OtherPoliticsTop 10ताज़ा खबरभारतराज्य

महाराष्ट्र में मंदिर पॉलिटिक्स, राज्यपाल-सीएम के बीच जंग शुरू

Share

राज्यपाल का सीएम से सवाल- क्या अब सेक्युलर हो गए?
मुख्यमंत्री ने कहा- मुझे हिंदुत्व साबित करने की जरूरत नहीं

मुंबई। देश में पिछले आठ महीने से कोरोना वायरस का प्रकोप दिखाई दे रहा है। कोरोना वायरस महामारी की सबसे ज्यादा मार महाराष्ट्र झेल रहा है। कोरोना महामारी के बीच ही अब सियासी पारा भी गरम हो गया है। मंदिर के मुद्दे को लेकर महाराष्ट्र में बीजेपी और महा विकास अघाडी सरकार आमने सामने आ चुके हैं। राज्य में मंदिरों को खोलने के लिए भारतीय जनता पार्टी राज्य भर में आंदोलन कर रही है। हर जिले में प्रमुख मंदिरों के बाहर भारतीय जनता पार्टी के नेता विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि कोरोना महामारी को देखते हुए राज्य में स्कूल-कॉलेज के साथ ही धार्मिक स्थलों को अभी तक बंद रखा गया है। लेकिन राजनीतिक पार्टियां स्कूल व कॉलेजों को शुरू करने के बजाय मंदिर पॉलिटिक्स में उलझ गई हैं। मंदिर खोलने को लेकर राज्यपाल और मुख्यमंत्री के बीच राजनीतिक जंग तेज हो चुकी है। राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के हिंदुत्व पर सवाल उठाते हुए उन्हें धार्मिक स्थलों को खोलने को कहा है।

राज्यपाल-सीएम आमने-सामने
इस मामले में अब राज्यपाल और मुख्यमंत्री आमने-सामने आ गए हैं। राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को लिखी चिट्ठी में कहा कि 1 जून से आपने मिशन फिर से शुरू करने की घोषणा की थी, लेकिन चार महीने बाद भी पूजा स्थल नहीं खोले जा सके हैं। राज्यपाल ने कहा, ‘यह विडंबना है कि एक तरफ सरकार ने बार और रेस्तरां खोले हैं, लेकिन दूसरी तरफ, देवी और देवताओं के स्थल को नहीं खोला गया है। आप हिंदुत्व के मजबूत पक्षधर रहे हैं। आपने भगवान राम के लिए सार्वजनिक रूप से अपनी भक्ति व्यक्त की।’

कोश्यारी ने कहा, ‘आपने आषाढ़ी एकादशी पर विट्ठल रुक्मणी मंदिर का दौरा किया था, क्या आपने अचानक खुद को धर्मनिरपेक्ष बना लिया है? जिस शब्द से आपको नफरत है? दिल्ली में पूजा स्थल खोले गए हैं, लेकिन कोविड -19 मामलों में वृद्धि हुई है।’

उद्धव ठाकरे ने दिया जवाब
राज्य के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने राज्यपाल को जवाब में चिट्ठी लिखी है, जिसमें उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में धार्मिक स्थल खोलने की चर्चा के साथ कोरोना के बढ़ते मामलों का भी ध्यान रखना चाहिए। मुख्यमंत्री ने साफ कहा, ‘मुझे अपना हिंदुत्व साबित करने के लिए आपसे सर्टिफिकेट नहीं चाहिए। जो लोग हमारे राज्य की तुलना पीओके से करते हैं, उनका स्वागत करना मेरे हिंदुत्व में फिट नहीं बैठता है। सिर्फ मंदिर खोलने से ही क्या हिंदुत्व साबित होगा?’

बता दें कि राज्य में पिछले कई महीने से बंद धार्मिक स्थलों को खोलने की मांग तेज हो गई है। मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर मुंबई में विरोध प्रदर्शन किया। इसके अलावा शिर्डी में भी साधु-संत अनशन पर बैठ गए हैं। बीजेपी का कहना है कि राज्य में शराब की दुकानें खुल गई हैं, लेकिन मंदिर सात महीने से बंद हैं। ऐसे में सभी संतों की मांग है कि उद्धव सरकार राज्य में मंदिर खोलें।


Share

Related posts

नक्सली मुठभेड़ में एक ढेर

samacharprahari

सॉल्वर गैंग का पर्दाफाश, नौ दबोचे गए

samacharprahari

आयकर विभाग ने डेवलपर्स के यहां छापा मारा

samacharprahari

Leave a Comment