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कानपुर मुठभेड़: शहीद पुलिसकर्मियों के परिजनों को नौकरी और एक करोड़ की आर्थिक मदद

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कानपुर। उत्तरप्रदेश के कानपुर मुठभेड़ में एक पुलिस उपाधीक्षक समेत 8 पुलिसकर्मियों के शहीद होने के बाद पुलिस एक्शन में आ गई है। पुलिस ने क्रिमिनल विकास दुबे के गांव से दर्जनों लोगों को हिरासत में लिया है। पुलिस ने करीब पांच सौ मोबाइल फोन नंबर सर्विलांस पर लगाए हैं। सूबे के मुख्यमंत्री अजय बिष्ट ने कानपुर मुठभेड़ में घायल पुलिसकमियों से मुलाकात के बाद शहीदों के परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने का ऐलान किया है। इसके अलावा असाधारण पेंशन भी देने की घोषणा की है। शहीदों के परिजनों को आर्थिक मदद के तौर पर एक-एक करोड़ रुपये दिया जाएगा।

बता दें कि कानपुर में हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे को पकड़ने गई पुलिस टीम पर बदमाशों ने घेरकर गोलियां बरसा दी। इसमें डिप्टी एसपी समेत आठ पुलिसकर्मी शहीद हो गए। घटनास्थल से एके-47 के खोखे मिले हैं। करीब दो दर्जन लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। यूपी के सीएम ने कहा कि मुठभेड़ में दो अपराधी मारे गए हैं, जो असलहे छीनकर अपराधी भागे हैं उनमें से कुछ को रिकवर किया गया है। किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस टीम पर फायरिंग करने वाले बदमाशों की तलाश शुरू हो गई है। जगह-जगह छापेमारी की जा रही है। पुलिस ने विकास दुबे के मामा प्रेम प्रकाश पांडेय और उसके साथी अतुल दुबे को मार गिराया है।
उत्तर प्रदेश पुलिस के महानिदेशक (डीजीपी) हितेश चंद्र अवस्थी ने बताया कि आला अधिकारी मौके पर हैं। पुलिस कई टीमें बदमाशों की तलाश में जुटी हैं। साथ ही स्पेशल टास्क फोर्स को विकास दुबे के पीछे लगाया गया है।

इस मुठभेड़ में बिल्हौर  क्षेत्राधिकारी देवेंद्र मिश्र, उप निरीक्षक महेंद्र यादव, उप निरीक्षक अनूप सिंह, उप निरीक्षक नेबू लाल, आरक्षी जितेंद्र पल, आरक्षी सुल्तान सिंह, आरक्षी बबलू कुमार और आरक्षी राहुल कुमार की मौत हुई है।


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