काठमांडू। नेपाल के प्रधानमंत्री के.पी. शर्मा ओली सोमवार को प्रतिनिधि सभा में पेश किए गए विश्वास प्रस्ताव हार गए। राजनीतिक रूप से संकट का सामना कर रहे ओली के लिए यह एक बड़ा झटका माना जा रहा है। राष्ट्रपति विद्यादेवी भंडारी के निर्देश पर संसद के निचले सदन प्रतिनिधि सभा के विशेष सत्र में प्रधानमंत्री ओली की ओर से पेश विश्वास प्रस्ताव के समर्थन में केवल 93 मत मिले, जबकि 124 सदस्यों ने इसके खिलाफ मत दिया। ओली को 275 सदस्यीय प्रतिनिधि सभा में विश्वासमत जीतने के लिए 136 मतों की जरूरत थी।
कम्युनिस्ट पार्टी नेपाल (माओवादी केंद्र) नीत पुष्पकमल दहल गुट ने पिछले दिनों सरकार से समर्थन वापस ले लिया था, जिसके बाद पार्टी पर ओली पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रहे थे। ओली हाल के समय में भारत के साथ रिश्तों में कड़वाहट लाने की वजह से भी सुर्खियों में रहे हैं। उन्होंने देश का नया राजनीतिक नक्शा पास किया और भारतीय इलाकों को शामिल कर लिया था। इससे दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया था। माना जा रहा था कि वह चीन के इशारे पर यह सब कर रहे थे।
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