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आतंकवाद की बदलती चुनौतियों और जांच तकनीकों पर मिलेगी विशेष जानकारी
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एनआईए और यूपी पुलिस के बीच समन्वय और कौशल विकास को मिलेगी नई दिशा
✍🏻 डिजिटल डेस्क, लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिस अब आतंकवाद से निपटने में और अधिक सक्षम बनने की दिशा में कदम बढ़ा रही है। प्रदेश के उपनिरीक्षक से लेकर एडिशनल एसपी रैंक तक के 30 अधिकारियों को विशेष प्रशिक्षण के लिए चुना गया है। यह ट्रेनिंग राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के विशेषज्ञों द्वारा राजधानी लखनऊ स्थित एनआईए कार्यालय में 24 और 25 सितंबर को आयोजित की जाएगी।
प्रशिक्षण कार्यक्रम को कैपिसिटी बिल्डिंग ट्रेनिंग नाम दिया गया है। इसमें अधिकारियों को 2008 से पहले के आतंकवाद के स्वरूप से लेकर मौजूदा दौर की चुनौतियों और उनसे निपटने की तकनीकों की जानकारी दी जाएगी। एनआईए के वरिष्ठ अधिकारी वैभव सक्सेना, नील कमल, बीबी पाठक, दिलीप श्रीवास, रिद्धिमा सिन्हा, प्रभात कुमार बाजपेई और वीके बासवानी इस ट्रेनिंग को संचालित करेंगे।
इस विशेष कार्यक्रम में वही पुलिस अधिकारी शामिल होंगे जो वर्तमान में विवेचना और आतंकवाद संबंधी मामलों से जुड़े कार्यों में सक्रिय हैं। प्रशिक्षण निदेशालय ने सभी जिलों और कमिश्नरेट से ऐसे अधिकारियों के नाम मांगे थे, जिनमें से केवल 30 का चयन किया गया है।
सुरक्षा व्यवस्था होगी और मजबूत
ट्रेनिंग के दौरान अधिकारियों को आतंकवाद से जुड़े खतरों की पहचान, जांच और रोकथाम की आधुनिक तकनीकें सिखाई जाएंगी। इसका मकसद प्रदेश पुलिस को समय के साथ बदलते आतंकवाद के तरीकों से निपटने में सक्षम बनाना है। माना जा रहा है कि इस पहल से उत्तर प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।
NIA ट्रेनिंग से होगा फायदा
प्रशिक्षण निदेशालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस कार्यक्रम से पुलिसकर्मियों का कौशल बढ़ेगा और एनआईए के साथ समन्वय भी बेहतर होगा। इससे आतंकवाद के खिलाफ जमीनी स्तर पर कार्रवाई को प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी। पुलिस महकमे ने इस पहल को एक सकारात्मक और दूरगामी कदम बताया है, जिससे प्रदेश में शांति और सुरक्षा को नई दिशा मिलेगी।
