✍️ प्रहरी संवाददाता, नई दिल्ली | कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आर्थिक अपीलों को आड़े हाथों लेते हुए केंद्र सरकार पर अब तक का सबसे बड़ा हमला बोला है। राहुल गांधी ने दो टूक कहा कि देश चलाना अब मोदी जी के बस की बात नहीं रही, इसीलिए अपनी प्रशासनिक विफलताओं को छिपाने के लिए वे अब जनता को उपदेश दे रहे हैं।
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री द्वारा नागरिकों से सोना न खरीदने और विदेशी दौरों में कटौती करने की अपील को महज सलाह नहीं, बल्कि सरकार के आर्थिक दिवालियापन का सबूत करार दिया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जब सरकार अर्थव्यवस्था को संभालने में पूरी तरह पस्त हो गई है, तब जाकर वह आम आदमी के निवेश और निजी खर्चों पर पाबंदी लगाने वाले संदेश दे रही है।
राहुल के मुताबिक, प्रधानमंत्री की ये ‘सात नसीहतें’ असल में देश के विदेशी मुद्रा भंडार पर बढ़ते भारी दबाव और सरकार की लाचारी का आधिकारिक कबूलनामा हैं।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि सरकार की गलत नीतियों और बदइंतजामी की भारी कीमत अब देश का आम नागरिक चुका रहा है। उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर आर्थिक सुधार करने के बजाय मोदी सरकार केवल भाषणबाजी और जनता को नैतिकता का पाठ पढ़ाने में मशगूल है। “लोगों को यह बताना कि वे क्या करें और क्या न करें, सीधे तौर पर प्रशासनिक नाकामी का लक्षण है।”
राहुल गांधी ने चेतावनी दी कि ये संकेत एक ढहती हुई अर्थव्यवस्था की आहट हैं, जिसे अब ‘सलाहों’ की चादर से ढकने की कोशिश की जा रही है। इस तीखे हमले के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है, वहीं सर्राफा और पर्यटन उद्योग में भी सरकार की इन अपीलों के असर को लेकर चिंता देखी जा रही है।
