ताज़ा खबर
OtherPoliticsTop 10एजुकेशनटेकताज़ा खबरबिज़नेसभारतराज्य

डिजिटल इंडिया के नाम पर ‘डिजिटल लूट’: महाराष्ट्र सरकार की नई स्कैन योजना या बड़ा स्कैम?

Share

✍🏻 प्रहरी संवाददाता, मुंबई | महाराष्ट्र के पंजीकरण एवं मुद्रांक विभाग (IGR) के आधुनिकीकरण के लिए जारी किए गए एक नए टेंडर को लेकर प्रशासनिक और राजनैतिक हलकों में तीखी चर्चा शुरू हो गई है। आलोचक इसे ‘डिजिटल लूट’ करार दे रहे हैं, जबकि दस्तावेजी साक्ष्य परियोजना की भारी-भरकम लागत पर सवाल खड़े कर रहे हैं।

हाल ही में सामने आए अनुबंध के विवरण के अनुसार, अशोक बिल्डकॉन लिमिटेड को महाराष्ट्र सरकार के कार्यालयों के आईटी, नेटवर्क और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर के रखरखाव का पांच साल का जिम्मा सौंपा गया है। सरकार की इस नई ‘स्कैनिंग परियोजना’ पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लग रहे हैं, जिसे जनता ‘डिजिटल लूट’ का नाम दे रही है। मामला महानिरीक्षक पंजीकरण और मुद्रांक महानियंत्रक (IGR) कार्यालय के आधुनिकीकरण से जुड़ा है, जहां दस्तावेजों को स्कैन करने के लिए तय की गई दरें और अनुबंध की कुल राशि चौंकाने वाली है।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

अशोक बिल्डकॉन लिमिटेड को दिए गए इस ठेके के दस्तावेजों के अनुसार, एक सिंगल साइड पेज को स्कैन करने की दर 24.75 रुपये तय की गई है। बाजार में उपलब्ध सामान्य दरों की तुलना में यह कीमत कई गुना अधिक है।

कंपनी की ओर से सेबी को जमा कराए गए आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, हर साल लगभग 9.18 करोड़ पेज स्कैन किए जाने हैं। इस हिसाब से 5 साल के इस अनुबंध की कुल लागत लगभग 1136.38 करोड़ रुपये बैठती है।

आरटीआई कार्यकर्ता और उद्यमी प्रफुल्ल सारडा ने सवाल उठाया है कि जिस तकनीकी दौर में स्कैनिंग की लागत न्यूनतम होनी चाहिए, वहां जनता की गाढ़ी कमाई से एक निजी ठेकेदार को इतनी ‘खुली छूट’ क्यों दी जा रही है? यह केवल आधुनिकीकरण है या सरकारी खजाने में सेंध लगाने की कोई बड़ी साजिश?

आरटीआई कार्यकर्ता से जो जानकारी मिली है, उसके मुताबिक ‘टर्नकी आधार’ पर दिए गए इस प्रोजेक्ट में आईटी, क्लाउड और एप्लिकेशन इंफ्रास्ट्रक्चर के नाम पर भारी-भरकम राशि का आवंटन किया गया है, जो सीधे तौर पर भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है। परियोजना की समयसीमा मार्च 2032 तक बताई गई है।

इस संबंध में पक्ष जानने के लिए जब संबंधित कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध माध्यमों से संपर्क करने और ईमेल भेजने की कोशिश की गई, तो वहां से कोई प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हो सकी।

 


Share

Related posts

सुप्रीम कोर्ट में सोरेन की याचिका खारिज, हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने को कहा

samacharprahari

कर्नाटक के 2 पूर्व सीएम सहित 64 लोगों को जान से मारने की धमकी

Prem Chand

राज ठाकरे के खिलाफ गैर जमानती वॉरंट

Vinay

राज्यपाल और सरकार के बीच तनातनी बढ़ी

samacharprahari

मुंबई–पुणे में छोटे घरों की बड़ी मांग, बाकी मेट्रो में 3BHK का जलवा

samacharprahari

राज्य में रात्रकालिन संचारबंदी, धारा 144 लागू

samacharprahari