Samachar Prahari
Otherताज़ा खबरबिज़नेसभारतराज्य

रेलवे ने छह साल में 72,000 ‘गैर-जरूरी’ पदों को किया खत्म

Share

मुंबई। केंद्र सरकार अब रेलवे से भी पीछा छुड़ाने की तैयारी में है। आधिकारिक दस्तावेजों के अनुसार, देश में सबसे ज्यादा रोजगार देनेवाली भारतीय रेलवे के विभिन्न विभागों में पिछले छह वर्षों के दौरान 72,000 से अधिक पदों को खत्म कर दिया गया है। सूत्रों की मानें तो रेलवे के कुल 13 लाख 80 हजार कर्मचारियों में से लगभग 6 लाख 80 हजार कर्मचारियों को चरणबद्ध तरीके से बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा। रेलवे में आउटसोर्सिंग को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे स्वीकृत पदों की संख्या भी घट रही है।

उपलब्ध दस्तावेजों के मुताबिक, रेलवे में खत्म किए गए सभी पद ग्रुप सी और ग्रुप डी श्रेणी के हैं, जो रेलवे के संचालन में नई प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल बढ़ने के कारण अब बेमानी हो गए हैं। इसलिए रेलवे ने भविष्य में इन पदों पर भर्ती नहीं करने का फैसला किया है।

वर्तमान में इन पदों पर कार्यरत कर्मचारियों को रेलवे के विभिन्न विभागों में समायोजित किए जाने की संभावना है। हालांकि सरकार ने इस अवधि में 81,000 पदों को खत्म करने का प्रस्ताव रखा था। अधिकारियों का कहना है कि इन पदों को खत्म करने का फैसला करना पड़ा, क्योंकि अब रेलवे का संचालन आधुनिक और डिजिटल हो गया है।

बता दें कि रेलवे के 16 जोन में वित्त वर्ष 2015-16 से लेकर वित्त वर्ष 2020-21 के दौरान 56,888 ‘गैर-जरूरी’ पदों को खत्म कर दिया गया है। सूत्रों के अनुसार, एक सर्वे प्रक्रिया के पूरी होने के बाद करीब 9,000 पदों को भी जल्द ही खत्म किया जाएगा। प्रस्ताव के मुताबिक, 15,495 पदों को भी जल्द ही खत्म किया जाना है। उत्तर रेलवे ने 9,000 से अधिक पदों को खत्म किया, जबकि दक्षिण पूर्व रेलवे ने लगभग 4,677 पदों को खत्म किया। दक्षिण रेलवे ने 7,524 और पूर्वी रेलवे ने 5,700 से अधिक पदों को समाप्त कर दिया है।


Share

Related posts

कांग्रेस के बैंक खातों पर जारी रहेगा आयकर विभाग का एक्शन, अदालत से गुहार लगाएगी पार्टी

samacharprahari

रिकॉर्ड ऊंचाई पर गोल्ड, चांदी की चमक भी बढ़ी

samacharprahari

गलती हो गई सर, अब से नहीं होगी

samacharprahari

Leave a Comment