मुंबई, 21 फरवरी । दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित बैंकों में से एक क्रेडिट सुइस से काफी असाधारण और महत्वपूर्ण डाटा चोरी हो जाने से पता चलता है कि बैंक ने दर्जनों अपराधियों, तानाशाहों, खुफिया अधिकारियों, मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों और नेताओं की काली कमाई को अपने यहां रखने में उनकी मदद की है। जर्मन अखबार और दुनिया भर के पत्रकारों के एक नेटवर्क ‘‘द ऑर्गनाइज्ड क्राइम एंड करप्शन रिपोटिंर्ग प्रोजेक्ट’’ ने 18,000 से अधिक क्रेडिट सुइस खातों के लीक रिकॉर्ड प्राप्त किए है। यह इस बैंक से अब तक लीक हुए सबसे बड़े आंकड़ें हैं। पत्रकारों के निष्कर्षों की समीक्षा करने वाले विशेषज्ञों का कहना है कि इनमें से कई ग्राहकों को क्रेडिट सुइस में अनुमति नहीं दी जानी चाहिए थी। यह पूछे जाने पर कि इनमें से इतने सारे खाते क्यों मौजूद हैं तो वर्तमान और पूर्व कर्मचारियों ने बताया कि इसकी कार्यप्रणाली ऐसी है जो अधिकतम मुनाफा हासिल करने के लिए कोई भी जोखिम लेने को तैयार है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि इसमें जिन लोगों के खाते हैं वे सभी दुनिया भर से आते हैं। ये खाताधारक एक अलग भ्रष्ट, सत्तावादी शासन से जुड़े हैं और इनमें से हर एक अपने तरीके से खुद को समृद्ध कर रहा हैं। लेकिन इस सब के बावजूद एक चीज है जो उन्हें एकजुट करती है और वह यह है कि उन्होंने अपना पैसा यहां जमा कराया है।
इस बैंक में 50,000 कर्मचारी हैं जो 15 लाख ग्राहकों की खाता संबंधी जरूरतों को पूरा करते हुए उनकी अकूत कमाई का बेहतर तरीके से प्रबंधन करते हैं। इसकी कुल परिसंपत्ति1.5 ट्रिलियन स्विस फ्ऱैंक है। यह स्विट्जरलैंड में दूसरा सबसे बड़ा बैंक है। इस बैंक से जो डेटा लीक हुआ है उसमें 1940 से लेकर 2010 तक तक खातों की जानकारी है।
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