जुलाई-सितंबर 2021 तिमाही में 9 प्रमुख क्षेत्रों में रोजगार बढ़ा
प्रहरी संवाददाता, मुंबई। भारत के तिमाही रोजगार सर्वेक्षण यानी क्वाटर्ली एम्पलॉयमेंट सर्वे (क्यूईएस) से खुलासा हुआ है कि भारत के औपचारिक क्षेत्र से जुड़े रोजगार में जुलाई से सितंबर 2021 की तिमाही में 2 लाख रोजगार की वृद्धि हुई है। कोर सेक्टर के नौ चयनित क्षेत्रों के लिए यह सर्वे रिपोर्ट तैयार की गई है। हालांकि रिपोर्ट के आधार पर यह अनुमान लगाया जा रहा है कि पिछले आठ साल में कोर सेक्टर केवल 71 लाख लोगों को ही रोजगार दे पाया है।
क्यूईएस सर्वे के मुताबिक, विनिर्माण, शिक्षा, स्वास्थ्य और आईटी-बीपीओ क्षेत्र सहित नौ प्रमुख क्षेत्रों में नौकरियों में अनुमानित तौर पर कुल 3.10 करोड़ रोजगार की वृद्धि हुई।
गौरतलब है कि जुलाई और सितंबर 2021 के बीच कोविड -19 महामारी का संक्रमण घटा था। कई राज्यों में प्रतिबंध में ढील दी गई थी।
मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में सर्वाधिक रोजगार
रिपोर्ट में कहा गया है कि विनिर्माण क्षेत्र में कुल रोजगार का हिस्सा 39.1 पर्सेंट है, जबकि शिक्षा में 22 प्रतिशत और स्वास्थ्य क्षेत्र में 10.8 फीसदी रोजगार मिला है।
क्या कहता है पिछले साल का सर्वे
पिछले साल सितंबर 2020 में क्यूईएस सर्वेक्षण के अनुसार, कोर सेक्टर में रोजगार के अवसर उपलब्ध होने की ग्रोथ बढ़ी है। वर्ष 2013-14 की रिपोर्ट कहती है कि इस दौरान 2.37 करोड़ लोगों को रोजगार मिला था। इसकी तुलना में वर्ष 2021-22 की पहली तिमाही में यह आंकड़ा 29 पर्सेंट बढ़कर 3.08 करोड़ हो गया। रिपोर्ट के अनुसार, आठ साल में केवल 71 लाख लोगों को ही यह सेक्टर रोजगार दे पाए हैं।
महिला श्रम योगदान में वृद्धि
बता दें कि केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्री भूपेंद्र यादव की ओर से क्यूईएस के दूसरे दौर की रिपोर्ट जारी की गई। इसमें कहा गया है कि महिला श्रमिकों का योगदान 32.1 फीसदी तक बढ़ा है, जबकि क्यूईएस के पहले दौर में 29.3 पर्सेंट की वृद्धि दर्ज की गई थी।
मंत्रालय ने बताया कि सरकार ने पहले रोजगार क्षेत्र के आंकड़े प्राप्त करने के लिए आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (पीएलएफएस) का इस्तेमाल किया है। नौ चयनित क्षेत्रों में नियमित श्रमिकों का योगदान अनुमानित कार्यबल का 87 पर्सेंट हिस्सा है, जिसमें केवल 2 पर्सेंट कैजुअल कर्मचारी हैं, जबकि निर्माण क्षेत्र में 20 पर्सेंट श्रमिक संविदा पर थे और 6.4 पर्सेंट कैजुअल वर्कर थे।
जनवरी-मार्च 2021 में 9.4 फीसदी हुई बेरोजगारीः एनएसओ
एनएसओ के अनुसार, शहरी क्षेत्रों में जनवरी-मार्च 2021 तिमाही के दौरान सभी उम्र में बेरोजगारी दर बढ़कर 9.4 फीसदी हो गई, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि में 9.1 फीसदी लोग बेरोजगार थे। बेरोजगारी दर को कुल श्रम बल में बेरोजगार व्यक्तियों के अनुपात के रूप में परिभाषित किया गया है।
