लखनऊ। उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक दलों के बीच एक-दूसरे के संगठन में सेंध लगाने, विधायकों को तोड़कर पार्टी ज्वाइन कराने का सिलसिला तेज हो गया है। विधानसभा चुनाव से पहले सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और बसपा अध्यक्ष मायावती को बीजेपी ने तगड़ा झटका दिया है। गुरुवार को सपा-बसपा के 10 एमएलसी बीजेपी में शामिल हो गए।
ज्वाइनिंग कमेटी के समक्ष रखा गया था प्रस्ताव
बता दें कि बीजेपी के ज्वाइनिंग कमेटी के समक्ष सपा और बसपा के विधायकों और एमएलसी सहित कई बड़े नेताओं को पार्टी में शामिल कराने का प्रस्ताव रखा गया था।
समिति ने सपा के विधान परिषद सदस्य रविशंकर सिंह पप्पू, सीपी चंद, अक्षय प्रसाद सिंह, रमा निरंजन, नरेंद्र भाटी व बसपा के ब्रजेश कुमार सिंह प्रिंसू सहित दस एमएलसी के बीजेपी में शामिल करने की मंजूरी दी थी।
इसके बाद इन लोगों ने गुरुवार को बीजेपी मुख्यालय में पार्टी की सदस्यता ली। सपा छोड़कर भाजपा में शामिल होने वाले परिषद सदस्यों में अधिकांश सदस्य नगर निकाय क्षेत्र से एमएलसी हैं।
