केंद्र की भाजपा सरकार के पास पर्याप्त संख्याबल का दावा
✍️ डिजिटल न्यूज डेस्क, मुंबई | केंद्र की भाजपा सरकार इसी महीने संसद का विशेष सत्र बुलाने की पुरजोर तैयारी कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, इस प्रस्तावित सत्र में परिसीमन और महिला आरक्षण से जुड़े बहुप्रतीक्षित संवैधानिक संशोधन विधेयक पेश कर उन्हें पारित कराने की योजना है। सरकार से जुड़े उच्च पदस्थ सूत्रों का दावा है कि इस बार इन ऐतिहासिक विधेयकों को संसद के दोनों सदनों से पास कराने के लिए जरूरी दो-तिहाई बहुमत और संख्याबल सरकार के पास मौजूद है। इस सिलसिले में सरकार द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम (DMK) समेत कुछ अन्य विपक्षी दलों के साथ लगातार संपर्क साध रही है, ताकि विधायी प्रक्रिया को निर्बाध गति से आगे बढ़ाया जा सके।
तकनीकी रूप से सरकार के पास यह सत्र तत्काल बुलाने का सीधा रास्ता खुला हुआ है। दरअसल, 13 अगस्त को संसद की बैठकें अनिश्चितकाल के लिए स्थगित होने के बावजूद मानसून सत्र का औपचारिक सत्रावसान (प्रोरोगेशन) अभी तक नहीं किया गया है।
नियमों के तहत जब तक सत्रावसान नहीं होता, तब तक सरकार किसी भी समय उसी सत्र की अतिरिक्त बैठकें अथवा विशेष सत्र आयोजित कर सकती है। इसके लिए नए सिरे से औपचारिक अधिसूचना जारी करने की जटिल कानूनी प्रक्रिया की बाध्यता नहीं रहती। माना जा रहा है कि सरकार सत्र शुरू होने से लगभग एक सप्ताह पहले इसका आधिकारिक कार्यक्रम जारी कर देगी।
सत्र की तिथियों को अंतिम रूप देते समय अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों का भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है। संसद भवन परिसर स्थित ‘संविधान सदन’ में 26 और 27 अक्टूबर को 12वें ब्रिक्स (BRICS) संसदीय मंच का आयोजन होना है, लिहाजा विशेष सत्र की तारीखों का निर्धारण इस सम्मेलन के पहले या ठीक बाद में किया जाएगा। गौरतलब है कि इससे पूर्व बजट सत्र के दौरान 17 अप्रैल को परिसीमन और महिला आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक को आवश्यक संख्याबल न मिलने के कारण लोकसभा में झटका लगा था और विधेयक गिर गया था। अब सरकार सदन के भीतर समीकरणों को पूरी तरह साधकर नए सिरे से इस संशोधन को पारित कराने की तैयारी में है।
