प्रहरी संवाददाता, मुंबई। उद्धव ठाकरे की पार्टी के उम्मीदवार अरविंद सावंत ने एकनाथ शिंदे गुट की उम्मीदवार शाइना एनसी को ‘इंपोर्टेट माल’ बताया तो घमासान मच गया। बवाल बढ़ा तो सावंत ने माफी मांग ली, लेकिन संजय राउत के एक बयान से बवाल और बढ़ गया। राउत ने पूर्व प्रधानमंत्री अटलबिहारी वाजपेयी और कांग्रेस नेता सोनिया गांधी को भी इस बवाल में खींच लिया।
शाइना एनसी पर दिए गए बयान से अरविंद सावंत ने यू-टर्न लेते हुए कहा, ‘मेरे भाषण का गलत मतलब निकाला गया । अब इसका राजनीतिक विरोध देखने को मिल रहा है। बाला साहेब ठाकरे तक को खींच लिया गया है। फिर भी मेरे बयान से अगर किसी को दुख पहुंचा है, तो मैं उसके लिए खेद जताता हूं।’
सावंत के माफी मांगने के बाद बात यहीं खत्म हो जाती तो ठीक था, लेकिन इसके बाद संजय राउत ने उनके बचाव में ऐसी बात कह दी कि विवाद और भी बढ़ गया। राउत ने कहा, ‘बीजेपी नेताओं ने सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी के बारे में कौन सी भाषा बोली है? तब बीजेपी को दिक्कत क्यों नहीं हुई? अरविंद सावंत एक जिम्मेदार नेता हैं, उन्होंने स्पष्ट बात कही है वह मुंबई में एक ‘इंपोर्टेट माल’ हैं। अटलजी के भाषण देखें, उन्होंने क्या-क्या कहा है? सोनिया गांधी के बारे में पीएम मोदी ने क्या बोला? अरविंद सावंत ने क्या गलत कहा? शाइना एनसी एक ‘इंपोर्टेट कैंडिडेट’ हैं। अरविंद सावंत के बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है।’
पहले लाडली बहना थी, अब इंपोर्टेड माल: साइना
इस पर, शाइना एनसी और नाराज हो गईं। उन्होंने कहा, ‘अरविंद सावंत ने 30 घंटे बाद माफी मांग ली, लेकिन संजय राउत कहते हैं कि कि किस बात की माफी। उन्हें जानना चाहिए कि मैंने 2014 से 2019 तक अरविंद सावंत के लिए पॉलिटिकल कैंपेन किया, तब मैं आपके लिए लाडली बहन थी और अब ‘इंपोर्टेट माल’ बन चुकी हूं। जब मुझे नकार कर इस तरह के शब्दों का इस्तेमाल किया जाएगा तो आपको मुंह तोड़ जवाब मिलेगा।सीसी
उन्होंने कहा कि आश्चर्य की बात है कि अरविंद सावंत माफी मांग रहे हैं और संजय राउत बोल रहे हैं कि उन्होंने कुछ गलत कहा ही नहीं। तो महा विकास आघाड़ी का स्टैंड क्या है? चुनाव के माहौल में काम के ऊपर बात कीजिए, लेकिन फिर आप एक महिला को निशाना बनाते हैं और 30 घंटे के बाद माफी मांगते हैं, जब एफआईआर दर्ज होती है।
शाइना ने कहा, ‘मैं एक महिला हूं लेकिन मैं एक माल नहीं हूं। जो भी नेता विपक्ष में हैं वे चुप क्यों हैं?… मैंने हमेशा उनका पक्ष लिया है लेकिन आज वे लोग चुप हैं?’
