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आम बजट से लगा निवेशकों को झटका, किसान औऱ नौकरीपेशा वर्ग मायूस

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डिजिटल न्यूज डेस्क, नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को आम बजट 2024-25 पेश किया। लगभग 4800000 करोड़ रुपये के इस बजट में सरकार ने कई मोर्चों पर लोगों को राहत दी है, तो कहीं टैक्स का बोझ बढ़ाकर निराश कर दिया। नौकरीपेशा वर्ग को इनकम टैक्स में राहत मिली, तो कस्टम ड्यूटी कम होने से सोना-चांदी के सामान सस्ते किए गए। लान्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स 10 फ़ीसदी से बढ़ाकर 12.5 फ़ीसदी कर दिया है, जिससे छोटे निवेशकों के साथ ही दिग्गजों पर भी बोझा पड़ा है। तीसरी बार सत्ता संभालने के बाद केंद्र सरकार का ये पहला बजट है।

मोदी 3.0 के पहले बजट में 2024 चुनाव में मिले झटके का असर साफ-साफ दिख रहा है। बहुमत से 32 सीटें पीछे रह गई बीजेपी ने नीतीश कुमार की JDU और चंद्रबाबू नायडू की TDP के साथ मिलकर सरकार बनाई है। बजट में बिहार और आंध्र प्रदेश के लिए 74 हजार करोड़ रुपये का ऐलान कर उन्हें साधने की कोशिश की गई है। इसके अलावा कांग्रेस मैनिफेस्टो में शामिल अप्रेंटिसशिप से मिलती जुलती पेड इंटर्नशिप स्कीम भी लॉन्च की गई है। शिक्षा और रोज़गार के लिए बजट में 1.48 लाख करोड़ रुपये रखे गए हैं।

शेयर बाजार को क्या मिला
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण में लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG) टैक्स बढ़ाने की घोषणा की। इसे शेयर बाजार में निवेश करने वालों के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। कुछ असेट पर शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन टैक्‍स (STCG) भी बढ़ाकर 20 फीसदी कर दिया गया है। हालांकि हालांकि बजट में कैपिटल गेन छूट की सीमा को 25 हज़ार बढ़ाकर अब एक लाख 25 हजार कर दिया गया है। स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए सभी वर्ग के निवेशकों के लिए एंजल टैक्स समाप्त कर दिया गया है।
वित्त मंत्री ने कहा कि इनकम टैक्स एक्ट की छह महीने में समीक्षा की जाएगी। इनकम टैक्स को आसान बनाया जाएगा। टीडीएस समय पर ना देने को अपराध नहीं माना जाएगा।

रोज़गार के लिए बजट में क्या
केंद्र सरकार की ओर से पांच साल में 20 लाख युवाओं को ट्रेनिंग दी जाएगी। घरेलू संस्थानों में पढ़ाई के लिए 10 लाख रुपये तक का एजुकेशन लोन दिया जाएगा। हर साल एक लाख विद्यार्थियों को कर्ज की राशि पर तीन प्रतिशत वार्षिक ब्याज छूट के लिए वाउचर्स किए जाएंगे। रोज़गार, कौशल प्रशिक्षण और अन्य अवसरों की सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए पांच साल में दो लाख करोड़ रुपये ख़र्च किए जाएंगे, जिससे 4.1 करोड़ युवाओं को फ़ायदा होगा। पांच साल में 20 लाख युवाओं को ट्रेनिंग दी जाएगी। एक हजार आईटीआई को हाईटेक किया जाएगा।
इसके अलावा, ईपीएफओ में पंजीकृत पहली बार काम करने वाले कर्मचारियों को एक महीने के वेतन का सीधा लाभ अनुदान, तीन किस्तों में 15 हजार रुपये तक दिए जाएंगे।

क्या हुआ सस्ता
बजट में दवाओं और मेडिकल उपकरणों पर कस्टम ड्यूटी घटाने की घोषणा की गई है। इससे कैंसर संबंधी कुछ और दवाओं की कीमतों में कमी आएगी। फोन और चार्जर पर भी कस्टम ड्यूटी 15 फ़ीसदी घटाई जाएंगी, इससे फ़ोन सस्ते होंगे। सोने और चांदी पर छह फ़ीसदी कस्टम ड्यूटी घटाने का एलान किया गया है। 25 महत्वपूर्ण खनिजों पर सीमा शुल्क में छूट की घोषणा हुई है।

क्या हुआ महंगा
अमोनियम नाइट्रेट पर कस्टम ड्यूटी 10 फ़ीसदी बढ़ाई गई, जबकि नॉन बायोडिग्रेडबल प्लास्टिक में कस्टम ड्यूटी 25 फ़ीसदी बढ़ाई गई है। कुछ ख़ास तरह के टेलिकॉम उपकरणों पर कस्टम ड्यूटी 10 से बढ़ाकर 15 फ़ीसदी की गई है।

टैक्स पेयर्स को मिलेगा स्टैंडर्ड डिडक्शन
न्यू टैक्स रिजीम चुनने वालों के लिए स्टैंडर्ड डिडक्शन 50 हजार रुपये से बढ़ाकर 75 हजार कर दिया गया है, जबकि पुरानी टैक्स रिजीम में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है।

 

न्यू टैक्स रिजीम के तहत:

तीन लाख रुपये तक- कोई टैक्स नहीं
3-7 लाख रुपये तक- 5 फ़ीसदी टैक्स
7-10 लाख रुपये तक- 10 फ़ीसदी टैक्स
10-12 लाख रुपये तक- 15 फ़ीसदी टैक्स
12-15 लाख रुपये तक- 20 फ़ीसदी टैक्स
15 लाख से अधिक तक- 30 फ़ीसदी टैक्स

 

बुनियादी ढांचागत विकास पर ज़ोर

वर्ष 2024-25 के बजट अनुमान में कुल व्यय 48,20,512 करोड़ अनुमानित है। इसमें से कुल पूंजीगत व्यय 11,11,111 करोड़ है।
वर्ष 2023-24 की तुलना में इस वर्ष का पूंजीगत व्यय 16.9 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है।
सरकार ने कृषि और इससे संबंधित क्षेत्रों के लिए एक लाख 52 हजार करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है। वित्त मंत्री ने ये भी कहा है कि 6 करोड़ किसानों और उनकी जमीन के ब्यौरे रजिस्ट्री में दर्ज किए जाएंगे, राष्ट्रीय सहकारी नीति लाई जाएगी, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था के विकास में तेजी आएगी।

नकलची और कुर्सी बचाओ बजटः कांग्रेस

मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल के पहले बजट को कांग्रेस ने नकलची और कुर्सी बचाओ बजट करार दिया है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि बजट में कई बातें कांग्रेस की घोषणापत्र से लिए गए है। कांग्रेस घोषणा पत्र की कुछ मुख्य बातों का कॉपी पेस्ट किया गया है। विपक्षी दल कांग्रेस ने यह भी कहा है कि बजट में महंगाई, बेरोजगारी और किसानों की समस्याओं को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए है। इसमें आम आदमी को राहत देने की कोशिश नहीं की गई है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने देश की तरक्की वाला नहीं, बल्कि मोदी सरकार बचाओ बजट पेश किया है।

 

यूपी को केंद्र से मिलेंगे 2.44 लाख करोड़, 72 लाख नए उद्यमी होंगे तैयार

बजट में यूपी के लिए कई घोषणाएं की गई हैं। यूपी को केंद्र सरकार से चालू वित्त वर्ष में 2.43 लाख करोड़ रुपये मिलेंगे। यह राशि केंद्रीय करों में राज्यांश और ब्याज मुक्त लोन के मदों के तहत मिलेगी। यह राशि अंतरिम बजट के मुकाबले करीब 7482 करोड़ रुपये अधिक है। वहीं, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम (एमएसएमई) सेक्टर के लिए बजट में दी गई घोषणाएं यूपी के लिए सौगात बनकर आई हैं। ये बजट यूपी में 72 लाख नए उद्यमी पैदा करेगा।

 

हम सबसे बड़े करदाता फिर भी महाराष्ट्र से भेदभावः ठाकरे

केंद्रीय बजट में महाराष्ट्र के लिए कोई राशि का आवंटन नहीं होने पर विपक्ष हमलावर हो गया है। पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे के बेटे और शिवसेना यूबीटी नेता आदित्य ठाकरे ने सियासी कार्ड खेल दिया है। आदित्य ठाकरे ने केंद्रीय बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने केंद्रीय बजट भाषण में एक बार भी महाराष्ट्र का जिक्र नहीं किया और उन्होंने सबसे बड़ा करदाता होने के बावजूद राज्य से भेदभाव किए जाने का आरोप लगाया। ठाकरे ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में केंद्र पर ‘भ्रष्ट सरकार ’ बनाकर और फिर करों के जरिए महाराष्ट्र को लूटने का भी आरोप लगाया।

 

यहां बढ़ाया मुफ्त राशन योजना का दायरा

महाराष्ट्र, हरियाणा और झारखंड में इसी साल विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में चुनावी राज्यों को बजट से बहुत उम्मीदें थीं, लेकिन बजट में अलग से इन तीनों ही राज्यों को लेकर कोई ऐलान नहीं हुआ है। हालांकि सरकार ने मुफ्त राशन योजना का दायरा और ज्यादा बढ़ा दिया है। बड़ी बात यह है कि सरकार के कुल 35 लाख लाभार्थी इन तीन राज्यों से ही निकलते हैं।
सरकारी आंकड़े से पता चलता है कि महाराष्ट्र में 1 करोड़ 10 लाख लोगों को मुफ्त राशन मिल रहा है। झारखंड में यह आंकड़ा 34 लाख के आसपास है और हरियाणा में 12 लाख लोगों को मुफ्त राशन मिल रहा है। इस बार लोकसभा चुनाव में पिछड़ा वोट पार्टी से छिटका है, ऐसे में फिर उसे हासिल करने में फ्री राशन योजना निर्णायक भूमिका निभा सकती है।
सरकार का आंकड़ा कहता है कि 80 करोड़ लोगों को इस योजना का फायदा मिला है। सबसे ज्यादा 15.21 करोड़ लाभार्थी उत्तर प्रदेश से हैं, दूसरे नंबर पर गुजरात है, जहां 3.82 करोड़ परिवारों तक फ्री राशन पहुंचा है।

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