हाइलाइट्स:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में विपक्ष के रवैये पर नाराजगी जताई बीजेपी संसदीय दल की मीटिंग में विपक्ष पर जोरदार तंज कसा भारतीय संसद के इतिहास का सबसे बड़ा एक्शन! मंगलवार को 49 सांसद फिर हुए सस्पेंड
डिजिटल न्यूज डेस्क, नई दिल्ली। संसद में सुरक्षा चूक का मुद्दा थम नहीं रहा है। इस मुद्दे पर हंगामा कर रहे विपक्षी सांसदों पर सत्ता पक्ष की ओर से लगातार कार्रवाई की जा रही है। लोकसभा और राज्यसभा से मंगलवार को भी विपक्ष के 49 सांसदों को सस्पेंड कर दिया गया। इसके साथ ही अब तक 141 सांसदों को सस्पेंड किया जा चुका है। इससे पहले सोमवार को लोकसभा और राज्यसभा के 78 विपक्षी सदस्यों को निलंबित कर दिया गया था। इस एक्शन को भारतीय संसद इतिहास का सबसे बड़ा एक्शन माना जा राह है।
गौरतलब है कि संसद में शीतकालीन सत्र चल रहा है। इस दौरान विपक्ष संसद में सुरक्षा चूक के मुद्दे पर गृहमंत्री अमित शाह के बयान की मांग कर रहा है। संसद की सुरक्षा को लेकर जारी हंगामे और विरोध प्रदर्शन की वजह से मंगलवार (19 दिसंबर) को 49 और सांसदों को निलंबित कर दिया गया। सोमवार को 33 लोकसभा और 45 राज्यसभा सांसद सस्पेंड हुए थे।
निलंबित किए गए सांसदों को पूरे शीतकालीन सत्र की कार्यवाही में हिस्सा लेने से वंचित कर दिया गया है। केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा, “सदन के अंदर तख्तियां नहीं लाने का निर्णय लिया गया। हाल के चुनाव हारने के बाद हताशा के कारण वे ऐसे कदम उठा रहे हैं। यही कारण है कि हम एक प्रस्ताव (सांसदों को निलंबित करने का) ला रहे हैं।”
बहस की जरूरत नहीं : पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक साक्षात्कार में सुरक्षा उल्लंघन को “बहुत गंभीर” मामला बताया और कहा कि इसकी जांच होनी चाहिए, हालांकि उन्होंने कहा कि इस पर बहस की जरूरत नहीं है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक साक्षात्कार में सुरक्षा उल्लंघन को “बहुत गंभीर” मामला बताया और कहा कि इसकी जांच होनी चाहिए, हालांकि उन्होंने कहा कि इस पर बहस की जरूरत नहीं है।
लोकसभा में केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने सुप्रिया सुले, फारूक अब्दुल्ला, मनीष तिवारी, शशि थरूर, मोहम्मद फैसल, कार्ति चिदंबरम, सुदीप बंधोपाध्याय, डिंपल यादव, दानिश अली, माला रॉय, राजीव रंजन सिंह, संतोष कुमार, प्रतिभा सिंह, दिनेश यादव सहित अन्य विपक्षी सांसदों को निलंबित करने का प्रस्ताव रखा। सभी विपक्षी सांसदों को संसद के शेष शीतकालीन सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया है।
#WATCH विपक्षी सांसदों के निलंबन पर समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा, "यह सरकार सही बात सुनना नहीं चाहती है। भाजपा से यह पूछना चाहिए कि वे लोकतंत्र का मंदिर बोलते हैं। हम सब अपने भाषणों में लोकतंत्र का मंदिर कहते हैं। ये किस मूंह से इसे लोकतंत्र का मंदिर कहते हैं, जब ये… pic.twitter.com/HEOmo3jKCg
— ANI_HindiNews (@AHindinews) December 19, 2023
