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कंज्यूमर कोर्ट का फैसला, कैरी बैग पर चार्ज लगाना गलत, फ्री में मिलना चाहिए

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  • हाइलाइट्स…

    -अगर आप देते हैं कैरी बैग के पैसे, तो पढ़ लीजिए कंज्यूमर कोर्ट का फैसला
    -कैरी बैग के पैसे लेने पर हो सकता है जुर्माना
    -उपभोक्ता को मुफ्त में मिलना चाहिए कैरी बैग

डिजिटल न्यूज डेस्क, नई दिल्ली। अगर आपसे कोई दुकानदार कैरी बैग के पैसे ले रहा है, तो इसके खिलाफ आप कंज्यूमर कोर्ट यानी उपभोक्ता अदालत में अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। दरअसल, कैरी बैग फ्री ऑफ कॉस्ट यानी मुफ्त है। उपभोक्ता अदालत ने हाल ही में दो मामलों की सुनवाई करते हुए कहा कि ग्राहकों को फ्री में कैरी दिया जाना चाहिए। अदालत ने इस मामले में दुकानदारों पर जुर्माना लगाया है।

हालांकि उपभोक्ता अदालत के फैसलों के बावजूद, देश भर में कैरी बैग्स पर अभी भी ग्राहकों से अलग से कीमत वसूल की जाती है। दुकानदार सामान के साथ ही आपसे कैरी बैग के लिए 10 या 5 रुपये चार्ज करता है।

पिछले महीने, दिल्ली की एक उपभोक्ता अदालत ने रिलायंस ट्रेंड्स को एक ग्राहक से कैरी बैग के लिए 7 रुपये चार्ज करने के लिए 3,000 रुपये का 
जुर्माना लगाया। इसी तरह के एक मामले में, बेंगलुरु की एक उपभोक्ता अदालत ने भी 4 अक्टूबर को फर्नीचर ब्रांड आइकिया पर कैरी बैग के लिए ग्राहक से 20 रुपये चार्ज करने के लिए 3,000 रुपये का जुर्माना लगाया था। कंपनियों ने कहा कि कैरी बैग खरीदना वैकल्पिक था और ग्राहकों को इसे खरीदने के लिए बाध्य नहीं किया गया था।

बता दें कि कैरी बैग के लिए शुल्क लेने की प्रथा 2011 में शुरू हुई जब केंद्रीय पर्यावरण और वन मंत्रालय ने प्लास्टिक अपशिष्ट (प्रबंधन और संचालन) नियम जारी किए थे। इसमें कहा गया था कि किसी भी प्रकार के कैरी बैग को खुदरा विक्रेताओं की ओर से उपभोक्ताओं को मुफ्त में उपलब्ध नहीं कराया जाएगा। इसके बाद खुदरा विक्रेताओं ने पेपर/कपड़े के बैग के लिए शुल्क लेना शुरू कर दिया।


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