डिजिटल न्यूज डेस्क, मुंबई। आयकर विभाग की ओर से बताया गया है कि करीब 35 लाख लोगों का इनकम टैक्स रिटर्न इसलिए नहीं मिला है, क्योंकि उनके बैंक संबंधी जानकारियों में गड़बड़ी या मिसमैच पाई गई। हालांकि, इस वित्त वर्ष में विभाग ने 9 अक्टूबर तक 1.50 लाख करोड़ रुपये का रिफंड दे दिया है।
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के चेयरमैन नितिन गुप्ता ने कहा कि आईटीआर फाइल करने वालों ने बैंक संबंधी जानकारी गलत दी है, जिसके कारण रिटर्न रुका हुआ है।
कई लोगों ने अपना पुराना बैंक खाता नंबर दिया है, जबकि कुछ लोगों ने अपना बैंक ब्रांच बदल लिया। इससे उनका आईएफएससी कोड बदल गया, जिससे रिफंड खाते में नहीं जा पा रहा है। उन्हें अपने बैंक खाते का वेलिडेशन कराना होगा।
बता दें कि इस साल 7.27 करोड़ आईटीआर दाखिल किए गए हैं। वित्त वर्ष 2022-23 में 7.5 करोड़ इनकम टैक्स रिटर्न फाइल हुए थे।
