योगी सरकार के बजट पर मायावती और अखिलेश यादव की आई प्रतिक्रिया
✍🏻 डिजिटल न्यूज़ डेस्क, लखनऊ | उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बुधवार (11 फरवरी) को विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 9.13 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया। यह बजट पिछले वित्त वर्ष की तुलना में लगभग 12.2 प्रतिशत अधिक है। बजट पेश होने के तुरंत बाद बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) की राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती की प्रतिक्रिया सामने आई।
मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि वर्ष 2026-27 का बजट लोकलुभावन अधिक और जनता के वास्तविक उत्थान तथा प्रदेश में सर्वसमाज व सभी क्षेत्रों के संतुलित विकास के लिहाज से कम प्रतीत होता है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि पिछले वर्ष के बजट के जमीनी क्रियान्वयन का ठोस और प्रामाणिक डेटा प्रस्तुत किया जाता तो बजट भाषण अधिक विश्वसनीय बन सकता था।
पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि मौजूदा बजट भी अखबारों की सुर्खियां बटोरने वाला अधिक लगता है, जिससे लोगों की ‘अच्छे दिन’ की उम्मीदों को झटका लगा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के लोगों को अब भी स्थायी आमदनी और रोजगार की ठोस व्यवस्था का इंतजार है, जिस पर सरकार को गंभीरता से काम करने की जरूरत है।
अखिलेश यादव का बीजेपी सरकार पर हमला, कहा- यह यूपी सरकार का ‘विदाई’ बजट है, सरकार सिर्फ आंकड़ों की बाजीगरी की
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मंगलवार (11 फरवरी) को उत्तर प्रदेश के वित्त वर्ष 2026-27 के बजट को “सरकार का विदाई बजट” बताते हुए कहा कि इसमें गरीब जनता, किसानों और नौजवानों के लिए कोई ठोस लाभ नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार केवल आंकड़ों की बाजीगरी कर रही है और बड़े बजट के बावजूद उसकी खर्च क्षमता सीमित है, जिससे विकास योजनाओं का क्रियान्वयन प्रभावित होता है। अखिलेश यादव ने कहा कि बजट के प्रभावी खर्च और आर्थिक लाभ के अभाव से जनता की अपेक्षाएं पूरी नहीं हुईं। अखिलेश ने कहा, “यह बजट केवल बड़े आकार का है। जनता की भलाई के लिये इसमें कुछ भी नहीं है। अगर बजट आकार में सबसे बड़ा है तो क्या हुआ? उससे गरीब जनता, किसानों और नौजवानों को कितना लाभ मिल रहा है।”
