इटावा, लखनऊ। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री, देश के पूर्व रक्षा मंत्री और समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव का 82 साल की उम्र में गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में निधन हो गया। वे काफी समय से मेदांता अस्पताल में भर्ती थे।
मंगलवार को मुलायम सिंह यादव का अंतिम संस्कार किया जाएगा। नेताजी के निधन पर राजनीतिक जगत में शोक की लहर है। प्रधानमंत्री से लेकर सीएम योगी और बीएसपी सुप्रीमो मायावती के साथ ही कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शोक व्यक्त किया। उनके निधन के बाद उत्तर प्रदेश में तीन दिन के राजकीय शोक का एलान किया गया है।
इससे पहले, मुलायम सिंह यादव के हालात बेहद नाजुक होने की सूचना पर बेटे अखिलेश यादव, भाई शिवपाल यादव और बहू अपर्णा यादव दिल्ली के लिए रवाना हो गए थे। बता दें तीन महीने पहले उनकी पत्नी साधना गुप्ता का भी निधन हो गया था।
मुलायम सिंह यादव के निधन की पुष्टि करते हुए समाजवादी पार्टी ने ट्वीट किया। उन्होंने अपने ट्वीट में अखिलेश यादव के रिएक्शन को शेयर किया। इसमें लिखा, मेरे आदरणीय पिता जी और सबके नेता जी नहीं रहे।
मुलायम सिंह यादव 3 बार यूपी के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। इसके साथ ही वह 8 बार उत्तर प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष भी रहे थे। उन्हें देश के वरिष्ठ और दिग्गज राजनेताओं के रूप में जाना जाता है। उन्होंने कई मौके पर अपने बेटे अखिलेश यादव की क्लास भी लगाई थी।
मुलायम सिंह यादव को कई ऐतिहासिक फैसलों के लिए याद किया जाता रहेगा। मुलायम सिंह यादव के बारे में कहा जाता रहा है कि वह नाम से भले मुलायम हो, लेकिन राजनीति दांव पेंच में वह बड़े कठोर हैं।
उन्होंने न सिर्फ उत्तर प्रदेश को बल्कि भारतीय राजनीति को भी नई दिशा दी है। मुलायम सिंह ने सामाजिक परिवर्तन की इबारत लिखी। उन्हें महिलाओं को सियासत में भागीदारी दिलाने के लिए निरंतर बुलंद आवाज उठाने वाले नेता रूप में भी याद किया जाएगा।
