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कोरोना से प्रभावित महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था में आठ प्रतिशत की गिरावट

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मुंबई। महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था में चालू वित्त वर्ष 2020-21 में आठ प्रतिशत की गिरावट आने का अनुमान है। राज्य विधानसभा में शुक्रवार को पेश आर्थिक समीक्षा-2021 में यह अनुमान लगाया गया है। समीक्षा में कहा गया है कि कोविड-19 महामारी का सबसे अधिक झटका उद्योग और सेवा क्षेत्रों पर पड़ा है। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री अजित पवार ने राज्य विधानसभा में समीक्षा पेश की। वित्त राज्यमंत्री शंभूराज देसाई ने विधान परिषद में इस रिपोर्ट को पेश किया।

बजट सत्र में आर्थिक समीक्षा के तहत चालू वित्त वर्ष 2020-21 में महाराष्ट्र राज्य की अर्थव्यवस्था में आठ प्रतिशत की गिरावट आने का अनुमान लगाया गया है। चालू वित्त वर्ष में राज्य की अर्थव्यवस्था 19,62,539 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। इसके अलावा उद्योग क्षेत्र में 11.3 प्रतिशत तथा सेवा क्षेत्र में नौ प्रतिशत की गिरावट का अनुमान है। हालांकि मानसून अच्छा रहने की वजह से चालू वित्त वर्ष में कृषि और संबद्ध क्षेत्रों की वृद्धि दर 11.7 प्रतिशत रहेगी। कृषि और संबद्ध क्षेत्रों पर महामारी का प्रभाव सबसे कम पड़ा है।
समीक्षा रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकार ने कृषि क्षेत्र को कोविड-19 की वजह से लगाए गए लॉकडाउन से छूट दी थी। कृषि सामान के परिवहन एवं वितरण के विभिन्न उपायों, उपज के परिवहन एवं बिक्री के उपायों, लाइसेंसों के ऑनलाइन नवीकरण, राज्य के विभिन्न विभागों के बीच संयोजन, आधुनिक प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल से कृषि क्षेत्र को फायदा हुआ है। चालू वित्त वर्ष में विनिर्माण और निर्माण क्षेत्र महामारी से सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। समीक्षा में 2020-21 में विनिर्माण क्षेत्र में 11.8 प्रतिशत तथा निर्माण क्षेत्र में 14.6 प्रतिशत की गिरावट का अनुमान लगाया गया है। इससे उद्योग क्षेत्र में 11.3 प्रतिशत की गिरावट आने का अनुमान है।


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