कानपुर देहात पुलिस की लापरवाही, 200 में से 173 असलहा लाइसेंस फाइल गायब
कानपुर। कानपुर देहात से कलेक्ट्रेट लाई गईं 173 फाइलें गुम हो गईं। इस मामले में सीबीसीआईडी जांच कर रही है। इससे पहले एसआईटी की जांच में लिपिक दोषी पाया गया था। इस मामले में पुलिस चार्जशीट फाइल कर चुकी है। जिलाधिकारी ने आरोपी लिपिक को निलंबित कर दिया है।
बता दें कि दिवंगत पूर्व मंत्री कमल रानी वरुण, विकास दुबे समेत 173 लोगों के असलहा लाइसेंस की फाइलें गायब करने के आरोपित लिपिक को डीएम ने बर्खास्त कर दिया है। आठ साल पहले कानपुर देहात कलेक्ट्रेट के असलहा अनुभाग से दो सौ फाइलें लाई गई थीं।
दो जुलाई 2020 को बिकरू में सीओ सहित आठ पुलिसकर्मियों की हत्या के बाद पुलिस मुठभेड़ में मारे गए विकास दुबे के असलहों की जांच के दौरान एसआईटी को असलहा लाइसेंस गायब होने की बात सामने आई थी।
इसके बाद मामले की जांच सीबीसीआईडी को सौंपी गई थ। इस मामले में दर्ज मुकदमे की जांच के दौरान कोतवाली पुलिस लिपिक के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र भी दायर कर चुकी है।
