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‘स्वस्थ भारत’ और ‘मजबूत बुनियाद’ पर रफ्तार पकड़ेगी अर्थव्यवस्था

समाचार प्रहरी, मुंबई
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को वित्त वर्ष 2021-22 का बजट पेश कर दिया। कोविड19 महामारी के बीच पेश किए गए बजट 2021 में इस बात के साफ संकेत दिए गए हैं कि ‘स्वस्थ भारत’ और ‘मजबूत बुनियाद’ पर ही देश की अर्थव्यवस्था आगे बढ़ेगी। सरकार ने जिस तरह राजकोषीय घाटे का लक्ष्य निर्धारित किया है, उससे यह बात साफ है कि अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के लिए खर्च करना ही है।
हालांकि वित्त मंत्री के बजट में ऐसा कोई नया टैक्स नहीं लगाया गया, जिसका निवेशकों, कारोबारियों या करदाताओं पर नकारात्मक असर हो। यही वजह रही कि शेयर बाजार में भी भारी उछाल देखी गई। निवेशकों की दौलत एक ही दिन में 6.8 लाख करोड़ रुपये बढ़ गई। वित्त मंत्री ने फॉर्म क्रेडिट लिमिट को 16.5 लाख करोड़ रुपये कर दिया है, जिससे किसानों को लाभ होगा। सस्ते मकान पर अतिरिक्त टैक्स छूट जारी रहेगी। वहीं, होम लोन के ब्याज पर 1.5 लाख तक डिडक्शन दिया है। इस अतिरिक्त डिडक्शन का लाभ 31 मार्च 2022 तक रहेगा।
हालांकि, वेतनभोगी करदाताओं की जेब पर किसी भी तरह की राहत नहीं दी गई। बजट में आयकर दाताओं को बजट में किसी भी तरह अहम राहत का एलान नहीं किया गया है। इनकम टैक्स स्लैब में किसी भी तरह का बदलाव नहीं किया गया है। हालांकि, वरिष्ठ नागरिक जो 75 साल से अधिक हैं और उनकी पेंशन व जमा से आय है तो उनकी इनकम टैक्स रिटर्न से छूट देने का एलान किया गया है।
वित्त मंत्री ने बजट में 6 पिलर्स के नाम लिए। इसके तहत बजट में स्वास्थ्य और कल्याण, भौतिक और वित्तीय पूंजी, और अवसंरचना, आकांक्षी भारत के लिए समावेशी विकास, मानव पूंजी में नवजीवन का संचार करना, नवप्रवर्तन और अनुसंधान एवं विकास और न्यूनतम सरकार और अधिकतम शासन को शामिल किया गया है। वित्त वर्ष 2022 में राजकोषीय घाटा जीडीपी का 6.8 फीसदी रहने का अनुमान जताया है। वित्त वर्ष 2021 में राजकोषीय घाटा जीडीपी का 9.5 फीसदी रह सकता है।
बजट 2021 में डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन एक्ट में संशोधन का प्रस्ताव रखा है। इससे संकटग्रस्त बैंकों के जमाकर्ता भी 5 लाख रुपये तक की जमा को निकाल सकेंगे। सरकार ने ​बैंक ग्राहकों के लिए पिछले बजट 2020 में ​जमा पर मिलने वाले बीमा कवर की लिमिट 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दी थी। बैंक के दिवालिया होने या उसका लाइसेंस कैंसिल होने पर इतनी ही सीमा में धनराशि का भुगतान जमाकर्ता को किया जाता है।

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