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मंदी की आहट, लगातार दूसरी तिमाही में जीडीपी निगेटिव

देश की ग्रॉस डोमेस्टिक प्रोडक्ट में -7.5 फीसदी की गिरावट

समाचार प्रहरी, मुंबई।
कोरोना वायरस संकट के बीच 27 नवंबर को जीडीपी ग्रोथ के आंकड़े जारी हुए हैं। वित्त वर्ष 2020-21 की जुलाई-सितंबर ​तिमाही में देश की जीडीपी यान ग्रॉस डोमेस्टिक प्रोडक्ट में -7.5 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि पहली तिमाही के मुकाबले अच्छी रिकवरी के संकेत हैं। बता दें कि वित्त वर्ष की पहली तिमाही में भारतीय अर्थव्यवस्था में करीब 24 फीसदी की भारी गिरावट आ चुकी है। रिजर्व बैंक ने सितंबर तिमाही में जीडीपी में 8.6 फीसदी की गिरावट का अनुमान लगाया था, जबकि केयर रेटिंग्स ने सितंबर तिमाही में जीडीपी में 9.9 फीसदी की गिरावट का अनुमान लगाया था।

निगेटिव ग्रोथ सही संकेत नहीं
शुक्रवार को दूसरी बार जीडीपी ग्रोथ के आंकड़े जारी हुए हैं। वित्त वर्ष 2020-21 की दूसरी तिमाही में भी जीडीपी ग्रोथ निगेटिव में 7.5 फीसदी रही है। वित्त वर्ष की पहली तिमाही में भी भारतीय अर्थव्यवस्था निगेटिव रही थी। अर्थव्यवस्था में रिकवरी देखी गई है, लेकिन इसके बावजूद निगेटिव ग्रोथ भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए सही संकेत नहीं है। इस वित्त वर्ष में लगातार दो तिमाही में निगेटिव ग्रोथ को तकनीकी तौर पर मंदी माना जा सकता है।

मंदी को स्वीकार करे सरकार
आरबीआई ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि इकोनॉमी में लगातार दो तिमाही में जीडीपी में गिरावट के कारण टेक्निकल रिसेशन आया है। लगातार दूसरी बार निगेटिव ग्रोथ को देखते हुए मंदी को स्वीकार कर लेना चाहिए। भारत के चीफ इकोनॉमिक एडवाइजर ने आंकड़ों पर कहा कि कोरोना से पहले इकोनॉमी ने बेहतर प्रदर्शन किया था, लेकिन आपदा की वजह से सुस्ती आई है। यही वजह है कि पहली तिमाही में जीडीपी ग्रोथ निगेटिव में करीब 24 फीसदी पर चला गया था। लेकिन पहली तिमाही के मुकाबले दूसरी तिमाही में अच्छी रिकवरी है।

जीडीपी 33.14 लाख करोड़ रुपये रहेगी
सांख्यिकी व कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय के मुताबिक, वित्त वर्ष 2011-12 के आधार पर वित्त वर्ष 2020-21 की दूसरी तिमाही में जीडीपी 33.14 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, जबकि पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में यह आंकड़ा 35.84 लाख करोड़ रुपये रहा था। पिछले साल जुलाई-सितंबर में जीडीपी ने 4.4 फीसदी की ग्रोथ दर्ज की थी, जबकि इस तिमाही में 7.5 फीसदी की कमी आई है। ग्रॉस वैल्यू एडेड (जीवीए) सितंबर तिमाही में 30.49 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, जबकि पिछले साल की समान अवधि में 32.78 लाख करोड़ रुपये रहा था। पिछले साल की तुलना में यह 7 फीसदी कम है।

कृषि सेक्टर में 3.4 पर्सेंट की ग्रोथ
कोर सेक्टर की बात करें तो अक्टूबर में ग्रोथ -2.5 फीसदी रही, जो सितंबर के 0.8 पर्सेंट के मुकाबले कम है। आंकड़ों के मुताबिक, 8 कोर इंडस्ट्रीज का आंकड़ा 124.2 पर्सेंट अक्टूबर में रहा है। यह अक्टूबर 2019 की तुलना में 2.5 पर्सेंट कम है। अप्रैल से अक्टूबर 2021 की ग्रोथ में 13 पर्सेंट की गिरावट दर्ज की गई है। कृषि सेक्टर को छोड़कर अन्य सेक्टर में गिरावट रही। एग्रीकल्चर सेक्टर में 3.4 फीसदी की बढ़ोतरी दिखी। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में 39.3 फीसदी, माइनिंग सेक्टर में 23.3 फीसदी और कंस्ट्रक्शन सेक्टर में 50.3 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। ट्रेड, ट्रांसपोर्ट, कम्युनिकेशन और अन्य संबंधित सेवाओं में 47 फीसदी की गिरावट देखी गई।

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