पाकिस्तान की एक अदालत ने सुनाई सजा
डिजिटल न्यूज़ डेस्क, इस्लामाबाद। पाकिस्तान की एक अदालत ने शनिवार को जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी को गैर-इस्लामिक निकाह मामले में सात- सात साल कैद की सजा सुनाई है।
बुशरा बीबी के पहले पति, खावर मनेका ने यह मामला दायर किया था, जिसमें आरोप लगाया गया था कि उन्होंने दो विवाहों के बीच अनिवार्य विराम या इद्दत का पालन करने की इस्लामी प्रथा का उल्लंघन किया है।
मनेका ने अपनी पूर्व पत्नी और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी के संस्थापक इमरान खान पर शादी से पहले व्यभिचारी संबंध में होने का भी आरोप लगाया, जो पत्थर मारकर मौत की सजा वाला अपराध है।
अडियाला जेल में 14 घंटे की मैराथन सुनवाई के बाद ट्रायल कोर्ट ने शुक्रवार रात अपनी सुनवाई पूरी की थी।
अदालत ने अभियोजन पक्ष के चार गवाहों को सुना, जिनमें खावर मनेका, औन चौधरी, निकाह ख्वान मुफ्ती सईद और लतीफ नामक एक कर्मचारी शामिल थे। पूर्व क्रिकेटर इमरान खान और बुशरा बीबी दोनों ने अदालत द्वारा पूछे गए 13 सवालों के जवाब देते हुए अपने बयान सौंपे। आरोपियों का प्रतिनिधित्व कर रहे सलमान अकरम राजा ने अपने जवाब दर्ज कराए।
पाकिस्तानी मीडिया डॉन के मुताबिक, कार्यवाही में शिकायतकर्ता के वकील राजा रिजवान अब्बासी और सरकारी वकील समीउल्लाह जसरा ने जोड़े के खिलाफ अपनी दलीलें पेश कीं। सलमान अकरम राजा ने बुशरा बीबी के परिवार के एक सदस्य, एक गवाह को पेश करने की भी अनुमति मांगी, लेकिन अदालत ने अनुरोध को अस्वीकार कर दिया।
इसके अलावा धारा 249-ए के तहत बरी करने की याचिका और धारा 179 के तहत क्षेत्राधिकार संबंधी याचिकाएं खारिज कर दी गईं।
