Category : संपादकीय
जाति जनगणना का तीर: आतंकवाद से ध्यान भटकाने की कवायद?
भारत की सियासत में जब भी कोई बड़ा मुद्दा सरकार को घेरने लगता है, तब कोई नया ‘तीर’ छोड़ा जाता है, जो जनता का...
“डिजिटल इंडिया”: ऐप्स तो लॉन्च हो रहे हैं, रिपोर्ट्स कब आएंगी साहब?
– व्यंग्य विशेष, समाचार प्रहरी जब 2015 में प्रधानमंत्री मोदी ने बड़े जोश-ओ-खरोश के साथ “डिजिटल इंडिया” की घोषणा की थी, तब लगा था कि...
‘सिस्टम ने जवाब नहीं दिया, किसान ने जीवन छोड़ दिया’
महाराष्ट्र में 24 वर्षों में 21,219 आत्महत्याएं राज्य के पांच जिलों की दर्दनाक हकीकत जान देने वालों में विदर्भ के किसान सबसे आगे ✍🏻 प्रहरी...
वक्फ संशोधन विधेयक 2025 पर संवैधानिक चुनौती: सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, संसद बनाम न्यायपालिका की सीमाएं तय होंगी?
✍🏻 प्रहरी संवाददाता, मुंबई। 5 अप्रैल, 2025: वक्फ संशोधन विधेयक 2025 को लेकर देश में एक नया कानूनी और राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है।...
“नशे में टली सरकार: बोतल में बंद भारत की अर्थव्यवस्था!”
देश मेंअगर कोई चीज़ सबसे ईमानदारी से बिक रही है, तो वो है शराब। बाकी चीज़ों पर तो जीएसटी, छापे और अनिश्चितता की मार है,...
