ताज़ा खबर
OtherPoliticsTop 10ताज़ा खबरभारतराज्य

BMC चुनाव 2026: 2017 के आंकड़ों और ‘प्रशासक राज’ के बीच, क्या पहले से तय है मुंबई की बाजी?

Share

मुंबई: देश की सबसे अमीर महानगर पालिका, बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) के आगामी 2026 चुनावों को लेकर सियासी गलियारों में सुगबुगाहट तेज हो गई है। 2017 के चुनाव नतीजों का विश्लेषण और पिछले 5 वर्षों की प्रशासनिक स्थिति एक ऐसे भविष्य की ओर इशारा कर रही है, जिसे लेकर कई जानकारों को अब कोई संदेह नहीं रह गया है।

2017 का गणित: भाजपा की लंबी छलांग

साल 2017 के चुनाव परिणाम आज भी प्रासंगिक हैं। 227 सीटों वाली बीएमसी में बहुमत के लिए 114 सीटों की दरकार थी। उस समय 55.53% वोटिंग हुई थी और अविभाजित शिवसेना (SS) ने 84 सीटें जीतकर अपना दबदबा कायम रखा था, लेकिन सबसे चौंकाने वाला प्रदर्शन भाजपा का था। 2012 में महज 31 सीटों पर सिमटी भाजपा ने 2017 में 51 सीटों की भारी बढ़त के साथ 82 सीटें हासिल की थीं।

​वहीं, कांग्रेस 52 से गिरकर 31 पर और राज ठाकरे की एमएनएस (MNS) 28 से लुढ़क कर महज 7 सीटों पर आ गई थी। इन आंकड़ों ने स्पष्ट कर दिया था कि मुंबई का मूड किस करवट बैठ रहा है।

2017 के नतीजे

शिवसेना        ~28.5% – 30.4%      84
भाजपा          ~27.3% – 28.3%      82
कांग्रेस            ~16.4%                   31
मनसे               ~7.8%                    07
एनसीपी           ~4.9%                    09
सपा                 ~3.9%                   06
अन्य / निर्दलीय ~8-9%                    05
NOTA             ~1.7%

प्रशासक राज और सत्ता का समीकरण

राजनीतिक पंडितों का मानना है कि 2026 की तस्वीर 2017 से भी अधिक स्पष्ट हो सकती है। पिछले 5 वर्षों से बीएमसी का प्रशासन निर्वाचित नगरसेवकों के बजाय आईएएस (IAS) अधिकारियों के हाथों में है। आरोप है कि इस ‘प्रशासक राज’ की आड़ में सत्ताधारी भाजपा ने मनपा मुख्यालय पर अघोषित रूप से “कब्जा” जमा लिया है।

​विपक्ष का कहना है कि सत्ता, पावर और धन के कथित दुरुपयोग ने ‘लेवल प्लेइंग फील्ड’ को खत्म कर दिया है। जब प्रशासन सीधे सत्ताधारी दल के इशारे पर चल रहा हो और विपक्ष के पास संसाधनों का अभाव हो, तो 2026 के नतीजे क्या होंगे, इसमें किसी को संदेह नहीं होना चाहिए। मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए, यह चुनाव महज एक औपचारिकता नजर आता है, जहां परिणाम शायद वोट पड़ने से पहले ही तय माने जा रहे हैं।


Share

Related posts

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री से भारतीय सेना और नौसेना अधिकारियों की भेंट

samacharprahari

बागी विधायकों को ‘सुप्रीम’ राहत

samacharprahari

केरल: आतिशबाजी के दौरान बड़ा हादसा, 150 से अधिक घायल, 8 गंभीर

samacharprahari

जनसंख्या में गिरावट चिंता का विषय- मोहन भागवत

Prem Chand

फर्जी मुठभेड़ में बॉम्बे हाई कोर्ट का फैसला : पूर्व एनकाउंटर स्पेशलिस्ट प्रदीप शर्मा को आजीवन कारावास

samacharprahari

धर्म-धर्म आपस में बडे शत्रु हैं, इंसानियत के लिए जगह नहीं

Amit Kumar