सत्ता फिसलते ही भाजपा को साफ नजर आए दागी नेता और मंत्री
बिहार मंत्रिमंडल के 72 फीसदी सदस्यों के खिलाफ आपराधिक मामले : एडीआर
प्रहरी संवाददाता, मुंबई। बिहार में सत्ता परिवर्तन के बाद नया विपक्ष और मीडिया जगत के साथ ही तमाम एजेंसियों की अपनी जिम्मेदारी का भान हो गया है। सत्ता परिवर्तन के दूसरे दिन से ही मीडिया बिहार में जंगल राज आने की मुनादी शुरू कर चुका है, जबकि लगभग ढाई तक सत्ता की मलाई चख रही भाजपा को भी पुराने सहयोगी की नई सरकार में शामिल दागी मंत्री नजर आने लगे हैं।
गैर-सरकारी संगठन ‘एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स’ (एडीआर) ने जानकारी दी है कि बिहार सरकार के नए मंत्रिमंडल में शामिल 72 फीसदी मंत्रियों ने अपने खिलाफ आपराधिक मामले घोषित किए हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के खिलाफ भी मामले दर्ज हैं।
बता दें कि हाल ही में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का साथ छोड़कर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के साथ मिलकर सरकार बनाने वाले मुख्यमंत्री कुमार ने मंगलवार को नए मंत्रिमंडल का विस्तार किया था। इनमें 31 मंत्रियों को शामिल किया गया है। बिहार मंत्री परिषद के विस्तार के बाद एडीआर और ‘बिहार इलेक्शन वॉच’ ने मुख्यमंत्री समेत 33 में से 32 मंत्रियों के चुनावी हलफनामे का विश्लेषण किया है।
एडीआर की रिपोर्ट के मुताबिक, 23 मंत्रियों (72 फीसदी) ने अपने खिलाफ आपराधिक मामले घोषित किए हैं, जबकि 17 मंत्रियों (53 फीसदी) ने अपने खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले घोषित किए हैं। वहीं, 32 मंत्रियों में से 27 (84 फीसदी) करोड़पति हैं।
