मुंबई। दक्षिण मुंबई के कालबादेवी में एक कारोबारी के परिसर में राज्य जीएसटी कार्यालय को सूचित किए बिना कथित रूप से अवैध छापा मारने और 11 लाख रुपये की जबरन वसूली के मामले में दो बिक्री कर निरीक्षक तथा एक आयकर निरीक्षक के साथ एक और व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस अधिकारी ने शुक्रवार को बताया कि घटना जोतिकुमार जैन के कार्यालय में 14 जून को घटी थी। इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। जैन की शहर में कई संपत्तियां हैं। उनकी तरफ से दो लोग किराया वसूलते हैं। 14 जून को चारों आरोपियों ने उनके परिसरों पर छापा मारा था। कर्मचारियों ने 30 लाख रुपये नकदी और बही-खाते पेश किए थे। इसके बाद चारों अधिकारियों ने 11 लाख रुपये ले लिए।
जैन को जब पता चला कि यह छापा अधिकृत नहीं था, तो उन्होंने एलटी मार्ग पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद जांच शुरू की गई और आयकर निरीक्षक हितेश वसईकर (42), बिक्री कर निरीक्षक मच्छिंद्र कांगने (34), प्रकाश शेगार (55) और संतोष जगदाले (38) को अरेस्ट किया गया। चारों पर जबरन वसूली का मामला दर्ज किया गया है।
