₹1,037.86 करोड़ की वसूली के आदेश जारी, अब तक 45% रकम वसूल
मुंबई उपनगर सबसे आगे, करीब ₹209 करोड़ की वसूली कानूनी प्रक्रियाओं में अटकी
✍️ प्रहरी संवाददाता, मुंबई | घर खरीदारों को बिल्डरों से मुआवजा दिलाने की कार्रवाई में महाराष्ट्र रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण (महारेरा) ने अब तक 369.45 करोड़ रुपए की वसूली की है। मई 2017 में प्राधिकरण की स्थापना से लेकर अब तक 1,531 शिकायतकर्ताओं के पक्ष में 1,037.86 करोड़ रुपए की वसूली के आदेश जारी किए गए हैं। इनमें से लगभग 45 प्रतिशत रकम वसूल की जा चुकी है। महारेरा के मुताबिक, वसूली के इस अनुपात के आधार पर वह देश के रेरा प्राधिकरणों में पहले स्थान पर है।
पिछले वर्ष दिसंबर के अंत तक करीब 260 करोड़ रुपए वसूल हुए थे। इस वर्ष अब तक लगभग 110 करोड़ रुपए की अतिरिक्त वसूली हुई है। महाराष्ट्र सरकार की नई समग्र कार्यप्रणाली और जिलाधिकारी कार्यालयों में समर्पित राजस्व अधिकारियों की नियुक्ति को इस तेजी की प्रमुख वजह बताया गया है। सरकार ने जिलों में निवासी उपजिलाधिकारी और अतिरिक्त जिलाधिकारी को महारेरा की वसूली संबंधी कार्रवाई की जिम्मेदारी सौंपी है।
महारेरा के आदेश के बाद भी यदि बिल्डर तय समय में मुआवजा नहीं देता, तो वसूली वारंट संबंधित जिलाधिकारी कार्यालय को भेजा जाता है। रियल एस्टेट (विनियमन और विकास) अधिनियम, 2016 की धारा 40(1) के तहत वसूली की कार्रवाई महाराष्ट्र भूमि राजस्व कानून के अनुसार राजस्व प्रशासन करता है। हालांकि, कुल वसूली आदेशों में शामिल करीब 209 करोड़ रुपए की राशि कानूनी प्रक्रियाओं के कारण फिलहाल अटकी हुई है। इसमें 104.70 करोड़ रुपए के मामले राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (NCLT) और 104.46 करोड़ रुपए के मामले महाराष्ट्र जमाकर्ताओं के हितों के संरक्षण से जुड़ी व्यवस्था के समक्ष हैं।
जिलावार आंकड़ों में मुंबई उपनगर 142.31 करोड़ रुपए की वसूली के साथ सबसे आगे है। यहां 188 परियोजनाओं के 573 वारंट के तहत 415.93 करोड़ रुपए देय थे। मुंबई शहर में 231.81 करोड़ रुपए में से 85.80 करोड़ रुपए और पुणे में 230.45 करोड़ रुपए में से 68.63 करोड़ रुपए वसूले गए। ठाणे में 36.79 करोड़ रुपए तथा अलिबाग-रायगढ़ में 11.88 करोड़ रुपए की वसूली हुई।
अन्य जिलों में नागपुर में 9.65 करोड़ रुपए, पालघर में 4.90 करोड़ रुपए, नाशिक में 4.90 करोड़ रुपए और छत्रपति संभाजीनगर में 3.84 करोड़ रुपए की वसूली दर्ज की गई। सिंधुदुर्ग में 54 लाख रुपए, सोलापुर में 12 लाख रुपए और चंद्रपुर में 9 लाख रुपए की वसूली की गई है।
