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भाजपा में बड़ा संगठनात्मक फेरबदल: नितिन नबीन की 65 सदस्यीय टीम में एक भी बिहारी नहीं

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  • कांग्रेस नेता के बेटे अनिल एंटनी बरकरार, स्मृति ईरानी बनीं महासचिव

  • भाजपा की नई टीम के बीच फडणवीस की मोदी से मुलाकात, महाराष्ट्र से दिल्ली तक सियासी हलचल

✍️ प्रहरी विशेष संवाददाता, नई दिल्ली | भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने 17 अगस्त 2026 को अपनी नई राष्ट्रीय टीम का ऐलान कर दिया, जिसमें कुल 65 पदाधिकारी बनाए गए हैं – 13 राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, 8 राष्ट्रीय महासचिव और 16 राष्ट्रीय सचिव। यह फेरबदल आगामी विधानसभा चुनावों और 2029 के लोकसभा चुनाव के मद्देनज़र संगठन को धार देने की कवायद का हिस्सा बताया जा रहा है।
इस बीच, राष्ट्रीय संगठन के बड़े फेरबदल के ऐलान और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से दिल्ली में मुलाकात इन दोनों घटनाक्रमों के एक साथ सामने आने से महाराष्ट्र की राजनीति में नई अटकलों का दौर शुरू हो गया है। हालांकि, फडणवीस को केंद्र में बड़ी जिम्मेदारी दिए जाने या उन्हें दिल्ली बुलाए जाने की कोई आधिकारिक घोषणा फिलहाल नहीं हुई है।

शीर्ष पदों पर कौन:

उपाध्यक्ष पद पर सबसे बड़ा नाम राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया का है। उनके साथ राम माधव, बैजयंत पांडा, डी. पुरंदेश्वरी, रेखा वर्मा और भारती पवार को भी राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है। इसी तरह, अमेठी की हार से राजनीतिक दृश्य पटल से गुम हो चुकीं पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को महासचिव पद पर नियुक्त किया गया है। उनके साथ ही, सतीश पूनिया, बिप्लब कुमार देब और संजय भाटिया को भी जगह दी गई है, जबकि विनोद तावड़े और सुनील बंसल राष्ट्रीय महासचिव के पद पर बने रहेंगे, तथा बीएल संतोष राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) के पद पर बरकरार रखे गए हैं।

कांग्रेस कनेक्शन बरकरार:

मौजूदा 11 राष्ट्रीय सचिवों में से सिर्फ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व रक्षा मंत्री एके एंटनी के बेटे अनिल एंटनी को ही राष्ट्रीय सचिव पद पर बनाए रखा गया है । बाकी 16 सचिव पदों पर नए चेहरे लाए गए हैं। वहीं अनिल बलूनी राष्ट्रीय स्तर पर मीडिया से जुड़ी अहम भूमिका निभाते रहेंगे।

महिला और सामाजिक प्रतिनिधित्व:

नई टीम में कुल 12 महिलाओं को अहम जिम्मेदारी दी गई है। 13 राष्ट्रीय उपाध्यक्षों में पांच महिलाएं शामिल हैं, जबकि आठ राष्ट्रीय महासचिवों में स्मृति ईरानी अकेली महिला चेहरा हैं। टीम में एक मुस्लिम नेता को भी बड़ी जिम्मेदारी दी गई है।

बिहारी अध्यक्ष, पर बिहार को तवज्जो नहीं:
दिलचस्प यह कि खुद नितिन नबीन बिहार से आते हैं, लेकिन 65 सदस्यीय इस टीम में बिहार से सिर्फ तीन नेताओं को जगह मिली है। न कोई महासचिव, न कोई उपाध्यक्ष।

अन्य अहम नियुक्तियां:

पीयूष गोयल को राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष, संबित पात्रा को नॉर्थ-ईस्ट कोऑर्डिनेटर, तरुण चुघ को केंद्रीय कार्यालय प्रभारी और दीपक म्हास्के को सोशल मीडिया संयोजक बनाया गया है।

यूपी 2027 चुनाव और मोदी-फडणवीस मुलाकात:

 

2027 के यूपी चुनाव से पहले स्मृति ईरानी को महासचिव बनाना बड़ा सियासी संकेत माना जा रहा है। टीम के ऐलान के तुरंत बाद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दिल्ली में पीएम मोदी से मुलाकात की और तस्वीरें साझा कीं, जिससे केंद्रीय कैबिनेट फेरबदल की अटकलों को और हवा मिल गई है।
महाराष्ट्र में भाजपा के लिए फडणवीस सबसे महत्वपूर्ण राज्य स्तरीय चेहरों में हैं। मुख्यमंत्री के तौर पर उनकी भूमिका राज्य सरकार और केंद्र के बीच समन्वय में भी महत्वपूर्ण है। इससे पहले 28 मई 2026 को भी फडणवीस ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की थी, जिसकी पुष्टि प्रधानमंत्री कार्यालय और PIB ने की थी।
इसके अलावा, जुलाई में नर्मदा जल बंटवारे से जुड़े लंबित भुगतान के मुद्दे पर केंद्र और महाराष्ट्र समेत चार राज्यों के बीच समझौते के दौरान भी फडणवीस दिल्ली में केंद्रीय नेतृत्व के साथ मौजूद थे।


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