प्रहरी संवाददाता, मुंबई, 18 जून 2025 । मुंबई महानगरपालिका चुनाव को लेकर राजनीतिक गलियारों में सरगर्मी तेज है। इसी बीच शिवसेना (यूबीटी) और मनसे के संभावित गठबंधन को लेकर अटकलें भी चरम पर हैं। पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने ‘मातोश्री’ पर पूर्व नगरसेवकों की बैठक लेकर उनके विचार मांगे और गठबंधन का अंतिम फैसला शिवसैनिकों पर छोड़ दिया।
बैठक में शामिल अधिकांश पूर्व नगरसेवकों ने मनसे से गठबंधन को सकारात्मक कदम बताया। उनका मानना है कि ठाकरे बंधुओं के साथ आने से मुंबई समेत राज्य की कई निकायों में चुनावी समीकरण बदल सकते हैं। कई नगरसेवकों ने कहा कि राज्य की जनता उद्धव और राज ठाकरे को साथ देखना चाहती है। हालांकि कुछ लोगों ने मुख्यमंत्री फडणवीस और उद्योग मंत्री उदय सामंत से राज ठाकरे की हालिया मुलाकातों का हवाला देते हुए मनसे की राजनीतिक निष्ठा पर संदेह भी जताया।
उद्धव ने कहा कि बीएमसी चुनाव के लिए किसी भी पार्टी से गठबंधन से पहले सभी शिवसैनिकों को विश्वास में लिया जाएगा। निर्णय जल्दबाजी में नहीं लिया जाएगा। उन्होंने कहा, “जो चले गए, वे गद्दार हैं। जनता उन्हें सबक सिखाएगी। अब हमें एकजुट होकर पार्टी को फिर से मजबूत करना है।” उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि पार्टी कार्यकर्ताओं को जनता की सेवा में जुट जाना चाहिए।
उद्धव गुट के नेता आदित्य ठाकरे जहां पार्टी की कमान संभालेंगे, वहीं शिंदे गुट की ओर से सांसद श्रीकांत शिंदे चुनाव रणनीति की अगुआई करेंगे। मनसे की ओर से भी संकेत हैं कि पार्टी प्रमुख राज ठाकरे के बेटे अमित ठाकरे को आगामी चुनाव में प्रमुख जिम्मेदारी दी जा सकती है।
मुंबई की सियासत में ठाकरे बंधुओं की नजदीकी एक नई कहानी लिख सकती है।
