मुंबई, 21 अप्रैल 2022 । योग गुरु बाबा रामदेव की पतंजलि के अवैध विज्ञापनों के जरिए दिल-लिवर की बीमारी से जुड़े प्रोडक्ट्स को बढ़ावा देने के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। केंद्र ने स्टेट ऑथॉरिटीज को विज्ञापनों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा है। दरअसल, आयुष मंत्रालय को कुछ शिकायतें मिली थीं, जिनमें कंपनी की तरफ से कुछ उत्पादों को लेकर ऐसे विज्ञापन दिखाए गए हैं जो दिल और लिवर की बीमारी को जल्द ठीक करने का दावा करते हैं।
केरल के नेत्र रोग विशेषज्ञ के.वी. बाबू ने सूचना का अधिकार अधिनियम के माध्यम से शिकायत दर्ज की थी।शिकायत में रामदेव की पतंजलि के उत्पादों- लिपिडोम, लिवोग्रिट और लिवामृत के विज्ञापनों को वापस लेने की मांग की गई है। दवाओं को लेकर शिकायत मिली थी कि वे ड्रग्स एंड मैजिक रेमेडीज एक्ट 1954 का उल्लंघन करते हैं।
शिकायतकर्ता ने कहा कि विज्ञापनों में ड्रग एंड मैजिक रेमेडीज एक्ट की धारा 3 का उल्लंघन किया गया है। यह धारा हृदय रोग और उच्च या निम्न रक्तचाप सहित कई स्वास्थ्य विकारों के लिए किसी भी उपचार के विज्ञापन पर प्रतिबंध लगाती है। इसके बाद शिकायत को आयुष मंत्रालय को भेज दिया गया, जो पहले से ही लिपिडोम के विज्ञापनों को लेकर जांच कर रहा है।
