✍🏻 डिजिटल न्यूज़ डेस्क, मुंबई | भारत में डिजिटल भुगतान क्रांति के बीच कैश की बढ़ती मौजूदगी ने आर्थिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है। एक ओर UPI ट्रांजैक्शन लगातार नए रिकॉर्ड बना रहे हैं, वहीं दूसरी ओर देश में चलन में मौजूद नकदी (Currency in Circulation) भी ऑल-टाइम हाई पर पहुंच गई है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) रिसर्च की ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक जनवरी 2026 तक भारत में कुल कैश ₹40 लाख करोड़ के स्तर पर पहुंच गया, जो सालाना आधार पर 11.1% की मजबूत वृद्धि को दर्शाता है।
रिपोर्ट के अनुसार, ATM से हर महीने औसतन ₹2.5 लाख करोड़ की नकदी निकाली जा रही है। कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में कैश निकासी में तेज़ी देखी गई है। इसके साथ ही करेंसी विथ पब्लिक (CWP) यानी लोगों के पास मौजूद नकदी ₹39 लाख करोड़ के ऑल-टाइम हाई पर पहुंच चुकी है, जो कुल कैश का लगभग 97.6% हिस्सा है। यह आंकड़े बताते हैं कि डिजिटल पेमेंट के बढ़ते दायरे के बावजूद नकदी की मांग कम नहीं हुई है।
दूसरी ओर, UPI ट्रांजैक्शन भी ऐतिहासिक स्तर पर हैं। रिपोर्ट के मुताबिक एक महीने में UPI का कुल मूल्य ₹28.3 लाख करोड़ तक पहुंच गया है, जो कुल कैश का लगभग 70% है। इसके बावजूद कैश में यह तेज़ उछाल अर्थशास्त्रियों के लिए एक बड़ा “पज़ल” बन गया है। हालांकि, कैश-टू-GDP अनुपात FY21 के 14.4% से घटकर FY26 में 11% रह गया है, जो यह संकेत देता है कि अर्थव्यवस्था में डिजिटल भुगतान की हिस्सेदारी लगातार बढ़ रही है।
SBI रिसर्च के मुताबिक, कैश बढ़ने के पीछे कई व्यावहारिक कारण हैं। जुलाई 2025 में कर्नाटक में छोटे व्यापारियों को UPI ट्रांजैक्शन के आधार पर करीब 18,000 GST नोटिस जारी किए गए, जिसके बाद कई व्यापारियों ने डिजिटल भुगतान से दूरी बनाकर नकदी पर भरोसा बढ़ाया। इसका असर यह हुआ कि राज्य में ATM से कैश निकासी में हर महीने औसतन ₹37 करोड़ की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
कम ब्याज दरों के दौर में लोगों ने बैंक डिपॉजिट की बजाय नकदी रखना ज्यादा सुरक्षित और सुविधाजनक समझा, खासकर ग्रामीण इलाकों में। वहीं सोना-चांदी की कीमतों में उछाल के चलते लोगों ने अपने पुराने निवेश बेचकर कैश लेना शुरू किया, जिससे बाजार में नकदी का प्रवाह और बढ़ा।
2000 रुपये के नोट के प्रचलन से बाहर होने के बाद 500 रुपये के नोट का दबदबा भी तेजी से बढ़ा है। 500 रुपये का नोट अब कुल वैल्यू का करीब 86% हो चुका है, जबकि 2000 रुपये नोट का हिस्सा घटकर 0.02% रह गया है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने ATM में ₹100 और ₹200 के नोट बढ़ाने के निर्देश दिए हैं, जिससे छोटे लेन-देन में कैश का इस्तेमाल और बढ़ा है।
