हाईलाइट्स
- विदेश मंत्री जयशंकर ने संसद में दोनों देशों के बीच हालिया समझौते की दी थी जानकारी
- जयराम रमेश बोले- संसद में दोनों देशों के बीच संबंधों के हर आयाम पर बहस होनी चाहिए
डिजिटल न्यूज डेस्क, नई दिल्ली। कांग्रेस ने भारत-चीन संबंधों पर व्यापक चर्चा कराए जाने की मांग की है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर के संसद में दिए गए बयान को लेकर कांग्रेस ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। विपक्ष ने भी मांग की है कि संसद को दोनों देशों के बीच संबंधों के संपूर्ण आयाम पर बहस करने का अवसर दिया जाना चाहिए।
जयराम रमेश ने उठाया मुद्दा
कांग्रेस ने सवाल किया कि क्या नरेंद्र मोदी की सरकार अप्रैल 2020 से पहले की पुरानी सामान्य स्थिति की जगह अब नई स्थिति पर सहमत हो गई है? कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि बयान में दावा किया गया कि सदन उन परिस्थितियों से पूरी तरह अवगत है, जिनके कारण जून 2020 में गलवान घाटी में हिंसक झड़प हुई।
कांग्रेस महासचिव ने कहा कि भारत-चीन संबंधों पर संसद में चर्चा रणनीतिक और आर्थिक नीति दोनों पर केंद्रित होनी चाहिए। खासकर इसलिए क्योंकि चीन पर देश की निर्भरता आर्थिक रूप से बढ़ गई है। वहीं, चीन ने चार साल पहले हमारी सीमाओं पर यथास्थिति को एकतरफा रूप से बदल दिया था।
जयराम रमेश ने कहा कि कांग्रेस ने संसद के दोनों सदनों में चीन के साथ भारत के संबंधों में हालिया घटनाक्रम शीर्षक से विदेश मंत्री एस. जयशंकर की ओर से हाल में अपनी ओर से दिए गए बयान का अध्ययन किया है।
कांग्रेस ने केंद्र सरकार से पूछे 4 सवाल
कांग्रेस नेता ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण, लेकिन मोदी सरकार की चिर-परिचित राजनीति का हिस्सा है कि सांसदों को किसी तरह के स्पष्टीकरण की मांग करने की अनुमति नहीं दी गई।
उन्होंने कहा कि भारत-चीन सीमा संबंधों के कई पहलुओं की संवेदनशील प्रकृति को पूरी तरह ध्यान में रखते हुए कांग्रेस के पास मोदी सरकार से पूछने के लिए चार सवाल हैं।
