-
बीएमसी का रिकॉर्ड 80,952 करोड़ का बजट
-
मुंबई को वर्ल्ड क्लास बनाने का दावा
-
मुंबईकरों पर नहीं कोई नया टैक्स
✍🏻 प्रहरी संवाददाता, मुंबई | देश की सबसे अमीर नगर निकाय बृहन्मुंबई नगर निगम ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 80,952.56 करोड़ रुपये का अब तक का सबसे बड़ा बजट पेश किया है। पिछले वर्ष की तुलना में 8.77 प्रतिशत की वृद्धि के साथ यह बजट आकार और महत्व दोनों लिहाज से ऐतिहासिक माना जा रहा है। नगर आयुक्त भूषण गगरानी द्वारा प्रस्तुत इस बजट में सबसे बड़ी राहत यह रही कि आम मुंबईकरों पर किसी भी नए कर का बोझ नहीं डाला गया है।
इस मौके पर स्टैंडिंग कमिटी के सदस्यों के साथ एडिशनल म्युनिसिपल कमिश्नर (वेस्टर्न सबर्ब्स) डॉ. विपिन शर्मा, एडिशनल म्युनिसिपल कमिश्नर (सिटी) डॉ. अश्विनी जोशी, एडिशनल म्युनिसिपल कमिश्नर (प्रोजेक्ट्स) अभिजीत बांगर, एडिशनल म्युनिसिपल कमिश्नर (ईस्टर्न सबर्ब्स) डॉ. अविनाश ढकने, डिप्टी कमिश्नर (फाइनेंस) प्रशांत गायकवाड़, म्युनिसिपल सेक्रेटरी मंजरी देशपांडे और दूसरे संबंधित अधिकारी मौजूद थे।
हालांकि विपक्ष ने इस पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि प्रस्तुत योजनाओं में मौलिकता का अभाव है और पूर्व कार्यकाल की परियोजनाओं को नए नामों के साथ दोहराया गया है। इसके बावजूद प्रशासन का दावा है कि यह बजट मुंबई को अगले दशक के लिए तैयार करने वाला बुनियादी ढांचा केंद्रित दस्तावेज है।
इस बजट की सबसे प्रमुख विशेषता पूंजीगत व्यय पर असाधारण जोर है। कुल बजट का लगभग 59 प्रतिशत, यानी 48,164.28 करोड़ रुपये, बुनियादी ढांचे के विकास के लिए निर्धारित किए गए हैं, जो पिछले वर्ष से 11.59 प्रतिशत अधिक है। सड़कों के कंक्रीटीकरण पर 5,520 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जबकि वर्सोवा-भाईंदर कोस्टल लिंक परियोजना के लिए 4,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड जैसे महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट्स को भी गति देने की तैयारी है, जिससे शहर की यातायात संरचना में दीर्घकालिक बदलाव की उम्मीद जताई जा रही है।
इस बार बजट की वित्तीय रणनीति भी चर्चा में है। बीएमसी के पास वर्तमान में 81,449.32 करोड़ रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट है, जिसमें से 28,059.74 करोड़ रुपये विकास कार्यों के लिए निकाले जाएंगे। विशेषज्ञों ने इस नीति को लेकर चिंता जताई है कि भविष्य की वित्तीय स्थिरता पर इसका असर पड़ सकता है, लेकिन प्रशासन का कहना है कि संचित संसाधनों का उपयोग शहर के मौजूदा कायाकल्प के लिए आवश्यक है।
शिक्षा, पर्यावरण और आपदा प्रबंधन को भी प्राथमिकता दी गई है। शिक्षा विभाग के लिए 4,248.08 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं और ‘मिशन सफल’ के तहत नगर निगम स्कूलों में डिजिटल लर्निंग और कौशल विकास को बढ़ावा देने की योजना है। तटीय सुरक्षा और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट परियोजनाओं के लिए 5,690 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है, ताकि मानसून के दौरान जलभराव की समस्या से निपटा जा सके। फायर ब्रिगेड का बजट बढ़ाकर 230.90 करोड़ रुपये कर दिया गया है, जिससे आपात सेवाओं को और सुदृढ़ किया जा सके।
आय के मोर्चे पर भी निगम ने आशावादी अनुमान रखा है। वर्ष 2026-27 में कुल आय 51,510.94 करोड़ रुपये रहने की संभावना जताई गई है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 19.35 प्रतिशत अधिक है। प्रॉपर्टी टैक्स से 7,000 करोड़ रुपये की वसूली का लक्ष्य रखा गया है, जबकि पिछले वर्ष यह आंकड़ा 6,200 करोड़ रुपये था।
इस बीच, BEST को 2026-27 में 1,000 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता देने का प्रस्ताव किया गया है। वर्ष 2012-13 से अब तक बीएमसी इस परिवहन उपक्रम को 12,028.81 करोड़ रुपये की मदद दे चुकी है।
सत्ता पक्ष का दावा है कि कुल मिलाकर यह बजट आक्रामक इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार और संसाधनों के आंतरिक उपयोग की रणनीति पर आधारित है। जबकि विपक्ष ने तंज कसते हुए कहा कि बिना नया कर लगाए विकास का वादा तो बजट में किया गया है, लेकिन एफडी पर बढ़ती निर्भरता आने वाले वर्षों में वित्तीय प्रबंधन की परीक्षा भी ले सकती है। अब असली चुनौती इन महत्वाकांक्षी योजनाओं को तय समयसीमा में धरातल पर उतारने की होगी।
