नई दिल्ली, 3 अक्टूबर : सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका के माध्यम से रामसेतु स्थल के पास दर्शन के लिए दीवार बनाने की मांग की गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने यह कहते हुए जनहित याचिका को खारिज कर दिया कि यह प्रशासनिक निर्णय है। कोर्ट दीवार का निर्माण कराने का आदेश कैसे दे सकती है। कोर्ट ने दीवार का आदेश देने के अधिकार पर भी सवाल उठाया। सुप्रीम कोर्ट ने इस जनहित याचिका को दूसरी याचिका के साथ विलय करने से इनकार कर दिया। जिसमें रामसेतु को स्मारक या राष्ट्रीय विरासत स्थल घोषित करने की मांग की गई थी। यह याचिका हिंदू पर्सनल लॉ बोर्ड द्वारा दायर की गई थी। इसका प्रतिनिधित्व लॉ बोर्ड के अध्यक्ष अशोक पांडे ने किया। मामले की सुनवाई जस्टिस संजय किशन कौल और सुधांशु धूलिया की बेंच ने की।
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