मुंबई। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय ने प्राकृतिक गैस की आपूर्ति को उद्योगों से शहर गैस वितरण कंपनियों की तरफ मोड़ने का आदेश दिया है। आयातित ईंधन के इस्तेमाल की वजह से पिछले एक साल में सीएनजी और पीएनजी के दाम 70 प्रतिशत बढ़े हैं।
मंत्रालय ने करीब तीन महीने पहले वाहन ईंधन सीएनजी और रसोई में इस्तेमाल होने वाले ईंधन पीएनजी की बढ़ी मांग को पूरा करने के लिए महंगी आयातित एलएनजी के इस्तेमाल का निर्देश दिया गया था। हालांकि, सरकार फिर से घरेलू स्तर पर उत्पादित गैस की आपूर्ति की पुरानी नीति पर वापस लौट आया है।
अधिकारियों ने बताया कि आयातित ईंधन के बजाय घरेलू गैस के इस्तेमाल से कच्चे माल की लागत घटेगी और सीएनजी तथा पीएनजी के दाम नीचे आएंगे।
अधिकारियों ने कहा कि दिल्ली की इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (आईजीएल) और मुंबई की महानगर गैस लिमिटेड (एमजीएल) जैसी शहर गैस वितरण कंपनियों के लिए आवंटन 1.75 करोड़ घन मीटर प्रतिदिन से बढ़ाकर 2.078 करोड़ घन मीटर कर दिया गया है। रसोई गैस और वाहनों के लिए सीएनजी आपूर्ति की 94 प्रतिशत मांग को पूरा किया जाएगा। अबतक करीब 83 प्रतिशत मांग पूरी की जाती थी।
